फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गौरव सिंह अरमान की जमानत अर्जी पर सुनवाई आज

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। पिछले साल मोहर्रम पर हुए बवाल के आरोपी गौरव अरमान सिंह की जमानत के लिए अदालत में दाखिल अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई तो सरकारी वकीलों का पूरा अमला उसका विरोध करने के लिए अदालत पहुंच गया। गरमागरम माहौल में बहस होने के बाद अदालत ने गौरव अरमान सिंह की जमानत पर फैसला एक दिन के लिए टाल दिया। अब शुक्रवार को उसकी जमानत अर्जी पर फिर सुनवाई होगी। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान पहुंचे पूर्व बार अध्यक्ष को भी अदालत की ओर से शालीन व्यवहार करने की हिदायत दी गई।
विज्ञापन

पिछले साल मोहर्रम के दौरान हुए बवाल के आरोपी गौरव अरमान सिंह को बिथरी चैनपुर पुलिस ने कुछ दिनों पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। इस बीच विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी और अजितेश की साजिश के तहत शादी कराने में भी उसका नाम आया तो अजितेश के साथ वह भी सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गया। बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष- 15 की अदालत में गौरव सिंह अरमान की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या- 15 के अवकाश पर होने के कारण प्रभारी न्यायाधीश ने अर्जी पर सुनवाई की। अदालत ने जब यह पूछा कि अभियोजन की ओर से कौन एडीजीसी पैरवी करेगा तो वहां मौजूद सभी एडीजीसी ने बहस के लिए खुद को अधिकृत किया जाना बताना शुरू कर दिया।
गौरव के वकील ने विरोध करते हुए कहा कि सभी एडीजीसी दबाव बनाने के लिए आए हैं। इस पर प्रभारी न्यायाधीश ने डीजीसी सुनीति कुमार पाठक को बुलाया। उन्होंने बहस के लिए एडीजीसी अखिलेश सक्सेना को नियुक्त किए जाए और वहां मौजूद बाकी एडीजीसी को उनके सहयोग में लगाने की बात कही। अभियोजन ने बिथरी पुलिस की आख्या प्रस्तुत कर सुनवाई के लिए समय मांगा, हालांकि पुलिस की आख्या में जमानत के विरोध का कोई कारण नहीं बताया गया था। गौरव के वकील ने जमानत पर सुनवाई टालने का विरोध करते हुए अभियोजन के जानबूझकर सुनवाई में देरी कराने की बात कही। साथ ही अर्जी इसी सुनवाई में निस्तारित करने का आग्रह किया। इसी बीच अधिवक्ता व पूर्व बार अध्यक्ष अनिल द्विवेदी भी पहुंच गए। उन्होंने भी जमानत का विरोध किया। अदालत ने उन्हें अमर्यादित और अवांछित शब्दों का प्रयोग न करने का निर्देश दिया। साथ ही अभियोजन के अनुरोध पर मामले की सुनवाई के लिए 19 जुलाई की तिथि निर्धारित कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें