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विधायक जी चाहते हैं जल्दी सामने आए सच

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बरेली। फरीदपुर विधायक श्यामबिहारी लाल के मोबाइल से व्हाट्स चेटिंग दिखाकर उसे फेसबुक पर शेयर करने वाले कथित विकास तिवारी को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल शिद्दत से जुटी है। विधायक भी चाहते हैं कि जल्दी ही सच सामने आ जाए। सोमवार रात विधायक ने साइबर सेल के दफ्तर में जाकर जांच में प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अपने व्हाट्सएप व फेसबुक अकाउंट से जुड़े अपडेट चेट के प्रिंट भी सौंप दिए।
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हाल ही में साक्षी और अजितेश प्रकरण को लेकर कई तरह के वीडियो वायरल हुए थे तो सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की जानकारी से भ्रम फैलाने की कोशिश की गई जो अभी भी जारी है। इसी कड़ी में फरीदपुर विधायक श्यामबिहारी लाल को अजितेश का रिश्तेदार दिखाकर विकास तिवारी नाम के अकाउंट से फर्जी चेट दिखा दी गई। पहले विधायक के व्हाट्सएप अकाउंट से विकास तिवारी के व्हाट्सएप की अनर्गल टिप्पणियों भरी चेट दिखाई गई और बाद में इस चेट को विकास तिवारी के कथित फेसबुक अकाउंट पर डाल दिया गया। इसके बाद से ही फरीदपुर विधायक के खिलाफ कमेंट शुरू हो गए। विधायक प्रतिनिधि की ओर से इस मामले में बारादरी थाने में रिपोर्ट लिखा दी गई। विवेचना बिथरी इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। इधर, साइबर सेल को भी अकाउंट पता करने की जिम्मेदारी दी गई है। विधायक श्यामबिहारी ने इसी का अपडेट लिया। टीम की मदद के लिहाज से अपने हालिया स्टेट्स और चेटिंग की सात पन्नों की प्रिंट रिपोर्ट भी सेल को सौंप दी।

फेसबुक अकाउंट डिलीट न होने से उम्मीद बरकरार
- झूठ का जाल फैलाकर लोगों को फरीदपुर विधायक के खिलाफ भड़काने वाले कथित विकास तिवारी का असली नाम पता सामने लाने की कोशिश कामयाब हो सकती है। आरोपी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर डाली गई विवादित पोस्ट तो कुछ समय बाद ही यूआरएल के साथ डिलीट कर दी पर अभी उसका अकाउंट चल रहा है। साइबर सेल की ओर से फेसबुक मुख्यालय अमेरिका से इसका डाटा मांगा गया है। उम्मीद है कि कोई आपत्ति न लगी तो पंद्रह दिन में यह डाटा साइबर सेल को मिल जाएगा। इसमें आरोपी के नाम, पता, मोबाइल नंबर, लोकेशन जैसी सभी महत्वपूर्ण चीजें शामिल होती हैं जिसके बाद विवेचक को केवल गिरफ्तारी करना शेष रह जाता है।
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विधायक बोले- हमने अपना काम किया, अब पुलिस जाने
- फरीदपुर विधायक श्यामबिहारी लाल से जब इस मुद्दे पर बात की गई तो उनका कहना था कि फर्जी चेट दिखाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई थी जिसकी वजह से उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करा दी। अब इसमें सच और सही आरोपी तलाशने का काम पुलिस का है। उन्होंने अपनी ओर से संबंधित डाटा पुलिस को सौंप दिया है। कहा कि अनर्गल ही इन बातों को तूल दिया जा रहा है।
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