बरेली। वैष्णो देवी बुआ दाती संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में झिड़ीधाम आश्रम में चल रहे शत चंडी महायज्ञ के चौथे दिन मां कूष्मांडा का अनुष्ठान हुआ। सभी कार्य व्यासाचार्य राजेंद्र त्रिपाठी ने सहयोगी आचार्य जनार्दन जोशी, संतोष शर्मा के सहयोग से संपन्न कराया। व्यासाचार्य ने मंत्रोचार से साधक के शरीर में नौ शक्ति द्वारों से दैवीय शक्ति समाहित कराने का अनुष्ठान कराया। गुरु महाराज रामनाथ अरोड़ा ने संगत को बताया कि मां कूष्मांडा ने ब्रह्मांड की रचना की है और भगवान शिव में उनका पूर्ण अस्तित्व है। इसलिए लौकिक और परालौकिक उन्नति के लिए मां कूष्मांडा के आराधना को कहा। मुख्य यजमान संजय अग्रवाल, राधा अग्रवाल ने शक्ति संचारण मां भवानी कूष्मांडा का विधि विधान से पूजन किया। आयोजन में मंडल प्रचार समिति के राजीव साहनी, जगदीश भाटिया, मुनेंद्र, तिलक राज ग्रोवर, कैलाश अरोड़ा, गुलशन छाबड़ा आदि मौजूद रहे।