बहेड़ी। सपा ने बहेड़ी तहसील में एसडीएम आवास के सामने धरना दिया। यहां पूर्व मंत्री अताउर्रहमान ने कहा कि सूबे की भाजपा सरकार से आम जनता का बुरा हाल है। प्याज की कीमत इतनी बढ़ गई है कि आम आदमी की पहुंच से दूर हो चुका है। जीएसटी ने व्यापारियों को बर्बाद कर दिया है। कहा कि केंद्र व सूबे की सत्ता में आने वाली भाजपा सरकार ने देश की भोली भाली जनता को हिंदु और मुस्लिम में बांटकर सत्ता हासिल की और आज हिंदू समाज को ही हाशिये पर लाकर रख दिया। कहां गई वो दो करोड़ नौकरियां जो बेरोजगारों को पीएम मोदी देने वाले थे, यहां तो नौकरियां जा रहीं हैं। प्राइवेट सेक्टर में आटोमोबाइल सहित तमाम कंपनियों का बुरा हाल है। मनमोहन सिंह के शासन में डॉलर की कीमत 48 रुपये थी और आज डालर के मुकाबले रुपये का बुरा हाल है। गन्ना समिति के डायरेक्टर चौ विजेंद्र सिंह ने तो सीधे विधायक छत्रपाल सिंह पर हमला बोलते हुए उन पर गन्ना माफिया और चीनी मिल से सांठगांठ करने का आरोप लगाया। यहां गन्ना समिति के चेयरमैन केंद्र पाल सिंह, आरिफ एडवोकेट, लईक चांदनी, नासिर रजा खां, हाजी वफाउर्रहमान, सरदार इकबाल सिंह, बालमुकुंद गंगवार, चंद्र पाल सिंह, नसीम अहमद, नावेद खां आदि आदि मौजूद रहे। इस दौरान बसपा छोड़कर कई लोगों ने सपा ज्वाइन की।
खोखला निकला सबका साथ, सबका विकास का नारा
मीरगंज। तहसील गेट पर पूर्व विधायक सुलतान बेग के नेतृत्व में सपाइयों ने भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में धरना दिया। बाद में एसडीएम राजेश चंद्र को राज्यपाल को संबोधित 19 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ी बिजली दरों, बढ़ते अपराध पर चिंता जाहिर की। पूर्व विधायक सुल्तान बेग ने कहा कि भाजपा सरकार का सबका साथ सबका विकास और सबका साथ वाला नारा खोखला साबित हो गया है। किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं। बेरोजगारी बढ़ी है। पुलिस निर्दोषों पर झूठे मुकदमों में फंसा रही है। सरकार के इशारे पर फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं हो रहा। रामपुर सांसद आजम खान पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लिए जाने की मांग की। यहां मीरगंज विधानसभा अध्यक्ष सुरेश गंगवार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुदेश सिंह, तनवीर अहमद, मुन्ने बेग, अंजुम वारसी, हरनाम सिंह यादव, जमीर बेग, पूर्व ब्लॉक प्रमुख ओमप्रकाश दिवाकर आदि रहे।
सपा के धरना में फिर दिखी गुटबाजी
मीरगंज। सपा के धरने में इस बार भी गुटबाजी देखने को मिली। एक धड़ा फिर धरना प्रदर्शन से दूर रहा। मीरगंज विधानसभा से एक गुट बरेली धरने में शामिल हुआ, जिसमें हाजी गुड्डू, मुराद बेग, अली बहादुर पेशकार, मीरगंज चेयरमैन इल्यास अंसारी, इस्लाम अंसारी, आसिफ सिद्दीकी, सभासद तस्लीम अंसारी और इन के सभी साथी नेता तहसील पर धरना प्रदर्शन में शामिल न होकर बरेली में सपा के प्रदर्शन में शामिल हुए।
नवाबगंज। पूर्व विधायक भगवत सरन गंगवार के नेतृत्व में सपाइयों ने नवाबगंज बाईपास मार्ग पर स्थित एसडीएम आवास के सामने धरना प्रदर्शन किया। यहां पूर्व विधायक भगवत सरन गंगवार ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव के समय हर बेरोजगार के खाते में 15 लाख देने के वादा किया था। यूरिया के दाम बढ़ा दिए और वजन घटा दिया गया, किसान की आय दोगुनी करने की बात कही, लेकिन महंगाई ने किसान की कमर ही तोड़ दी है। राशन की दुकानों से लेकर हर सरकारी कार्यालय में भ्रष्टाचार फैला है। भाजपा के पूर्व सांसद ने एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। पहले तो उसे गिरफ्तार नहीं किया गया, बाद में उसे उसके साथ ही पीड़िता को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। गन्ना समिति चेयरमैन अरविंद गंगवार, तेज प्रकाश गंगवार, नगरपंचायत अध्यक्ष कंबर एजाज शानू, ब्लाक प्रमुख पुरूषोतम गंगवार, विधानसभा अध्यक्ष अनिल गंगवार, ओमेंद्र गंगवार, संजीव यादव, नरोत्तम दास मुन्ना, हरीश गंगवार, खतीब अंसारी, हाजी परवेज अंसारी, मास्टर छोटेलाल गंगवार आदि मौजूद रहे।
केंद्र व प्रदेश सरकार जन विरोधी-महीपाल सिंह
आंवला। तहसील परिसर में धरना दे रहे सपाइयों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, अगम मौर्य और अमित राज सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने महंगाई बढ़ाकर किसान की कमर तोड़ दी है, बेरोजगार नौजवानों को चुनाव के समय रोजगार देने का वायदा करके प्रदेश और केंद्र सरकार ने उन्हें ठगा है। महिलाओं का घर से निकलना दूभर है। इसका जवाब जनता आगामी विधानसभा चुनाव में देगी। उन्होंने तहसीलदार शर्मनानंद को ज्ञापन देकर धरना समाप्त किया। यहां पूर्व चेयरमैन सय्यद आबिद अली, मशकूर खान, महावीर सिंह यादव, सोनू यादव, गजेंद्र सिंह यादव, लक्ष्मण फौजी, विकार अली, इंद्रपाल सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
फरीदपुर। तहसील फरीदपुर में सपा के धरने में निवर्तमान जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि किसान फसल नहीं बोता है, बल्कि सपने बोता है। इस उम्मीद से जिस दिन फसल तैयार होगी, उस दिन इन सपनों को पूरा कर सकेंगा, मगर किसान की आज भी वो ही दुर्दशा है। जो आज से 50 साल पहले थी। किसान भूमिहीन हो रहे है और जिनकी एक फैक्टरी थी उनकी चार हो गई हैं। कहा अगर प्रधानमंत्री किसान के बेटे होते तो उनकी दशा सुधारने का काम करते, लेकिन यह सरकार सिर्फ उद्योगपतियों के इशारे पर काम कर रही है। यहां सुधीर यादव, विशाल सगार, नुसरत श्ेेख, खालिद राना, नरेंद्र यादव, राजेश यादव, कल्पना सागर, पीके अग्रवाल, चंदन शुक्ला, हाजी अबरार, धीरज यादव, पवनेश यादव, सुनील यादव, शब्बीर अहमद आदि मौजूद रहे। ब्यूरो