बरेली के कमिश्नर विपिन कुमार द्विवेदी, डीएम संजय कुमार और डीएम अभिषेक प्रकाश को अभी तक नया एड्रेस नहीं मिला है और इधर शुक्रवार को पुलिस ने एड्रेस लॉ का निर्माण कार्य रुकवा दिया है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सपा प्रमुख ने बरेली में तैनात अपने तीन विश्वस्त अधिकारियों के अलावा के पार्टी के लोगों से भी से इस प्रकरण की पूरी जानकारी लेने के बाद तबादले के आदेश जारी करवाए थे।
इस प्रकरण पर सपा प्रमुख के तेवर देख कर बरेली के दोनों अधिकारियों ने लखनऊ से ही अपना चार्ज आनलाइन बरेली के एडीएम (वित्त एवं राजस्व) को सौंप दिया। दोनों कैंप कार्यालयों से सूचना जारी हुई कि नए अधिकारियों के चार्ज लेने तक नीतिगत मामलों से संबंधित कोई भी फाइल न भेजी जाए। इस भवन के नक्शे को पूर्व डीएम अभिषेक प्रकाश और पूर्व कमिश्नर अजय सिंह के कार्यकाल में मंजूरी मिली थी फिर भी इसमें कई औपचारिकताएं रह गई थी और कुछ आपत्तियों का निस्तारण होना था। पूर्व बीडीए वीसी राजमणि यादव ने तमाम आपत्तियों के बावजूद नक्शा पास तो कर दिया था लेकिन यह भी लिख दिया था कि इस पर सीलिंग की अनापत्ति ले ली जाए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूरे मामले में कमिश्नर द्विवेदी ने भी बिल्डर के पक्ष में दिलचस्पी ली और लंबित आपत्तियों को नियमों की अनदेखी कर निस्तारित कर दिया। डीएम संजय कुमार इसलिए लपेटे में आए अपनेे जिले में चल रहे इस खेल पर वह भी तमाशबीन बने रहे।
मुख्यमंत्री और मुलायम सिंह यादव तक प्रकरण की शिकायत करने वाले ने लिखा है कि यह निर्माण में बाईलाज और अर्बन प्लाटिंग एक्ट के खिलाफ हो रहा है। इसके पास अर्बन प्लानिंग एक्ट में 100 फीट के भीतर कैंट क्षेत्र या सरकारी इमारत - कार्यालय होने पर निर्माण से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी है जबकि इस निर्माण में ऐसी एनओसी नहीं ली गई। ग्रीन एरिया और सैट बैक भी ग्रुप हाउसिंग के नियमों के अनुुसार नहीं छोड़े गए हैं। भवन निर्माण नियमावली में प्राविधानित देय कवर्ड एरिया से अधिक कवर्ड एरिया का निर्माण हो रहा है एवं कवर्ड एरिया के अनुपात में भी बढ़ोत्तरी कर अधिक फ्लैट बनाए जा रहे हैं।
पुलिस ने काम रुकवाया
बरेली। लखनऊ से मिलेे मौखिक निर्देश पर एड्रेस लॉ का काम पुलिस ने अगले आदेशों तक रुकवा दिया। एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा को मौके पर काम रुकवाने भेजा गया था। काम रुकवा कर पुलिस हिदायत दे आई है कि मजदूरों को कुछ दिन आराम करने दो और आगे सरकार से जो निर्देश आएंगे उसके हिसाब के कार्रवाई होगी। सूत्रों ने बताया कि शासन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। अफसरों की टीम भेजकर इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। शासन ने यहां तैनात रहे पुराने अधिकारी समेत तीन अफसरों पर कार्रवाई करके जांच के आदेश दिए हैं। पुराने अधिकारी पर इसलिए कार्रवाई हुई कि उन्हीं ने एनओसी दी थी। इस मामले में तत्कालीन वीडीए अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
बिल्डर का पक्ष
एड्रेस लॉ पर शुक्रवार को निर्माण रोकने संबंधी कोई सरकारी आदेश या पत्र नहीं मिला है। पास में डीआईजी महोदय की कोठी है और प्रोजेक्ट साइट पर जेसीबी से काम होने के चलते मिट्टी - धूल काफी उड़ रही है। उसी समस्या संबंधी पुलिस वालों ने ध्यान आकृष्ट किया तो अपने से ही कुछ समय के लिए काम रुकवा दिया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को कुछ लोग फेल करना चाहते हैं और वे ही इसे लेकर भ्रामक माहौल बना रहे हैं। अपना नक्शा पास और आपत्ति करने वाले ग्रुप से भी समझौता हो गया है। प्रोजेक्ट एकदम बेदाग है और कहीं कोई नियम विरुद्ध काम नहीं हो रहा।
-- अमरपाल सिंह रोंपी, अनेजा ग्रुप के अधिवक्ता।