सात सदस्यीय टीम में तीन इंस्पेक्टर भी शामिल, अब तक नहीं लगा सुराग
बरेली। फरीदपुर थाने से रिश्वतखोरी के मामले में फरार आरोपी इंस्पेक्टर रामसेवक को सात सदस्यीय टीम नहीं खोज पा रही है। रामसेवक पुलिस की हर गतिविधि से वाकिफ है, यही वजह है कि सीओ और तीन इंस्पेक्टर के नेतृत्व वाली टीम उसका पता लगाने में विफल साबित हो रही है। अब विवेचना कर रहे सीओ उसका गैर जमानती वारंट लेने की तैयारी में हैं।
फरीदपुर थाना प्रभारी रहे रामसेवक ने नवदिया अशोक गांव निवासी स्मैक तस्कर आलम, नियाज अहमद व अशनूर को गिरफ्तार किया था। रामसेवक ने सात लाख रुपये लेकर आलम व नियाज अहमद को छोड़ दिया था। अशनूर से डील नहीं हो सकी थी। सूचना पर एसपी दक्षिणी मानुष पारीक व सीओ फरीदपुर गौरव सिंह ने इंस्पेक्टर के आवास पर छापा मारा तो कुल 9.85 लाख रुपये बरामद किए गए।
सीओ ने फरार इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। रामसेवक सरकारी पिस्टल और कारतूस ले गया है। सीओ हाइवे नितिन कुमार ने बताया कि पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। रामसेवक के खिलाफ एनबीडब्ल्यू लेने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। अमर उजाला ब्यूरो
हाईकोर्ट में आज होगी रामसेवक की याचिका पर सुनवाई
फरीदपुर। रिश्वत कांड में फरार इंस्पेक्टर रामसेवक की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी। याचिका की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में चार सितंबर की तारीख लगाई गई है।
रामसेवक ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को खत्म करने की चुनौती दी है। उसके अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में मुकदमे को गलत बताया, वहीं, पुलिस की ओर से इसका काउंटर दाखिल किया गया है। मंगलवार को सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा कि रामसेवक की मुश्किलें और बढ़ेंगी या उसे राहत मिलेगी। उसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। संवाद