बरेली। कोतवाली में सीबीगंज इलाके की एक महिला अपनी सौतन से भिड़ गई। वह कचहरी में हाथापाई होने के बाद कोतवाली पहुंची थीं। महिला सिपाहियों की डांट डपट के बाद भी दोनों शांत होने को तैयार नहीं थी। एसएसआई के हड़काने पर किसी तरह दोनों चुप हुईं। बाद में दोनों महिलाओं के परिवार के लोगों के आने पर समझौता हो गया।
मंगलवार को सीबीगंज इलाके के फरियाद हुसैन की पहली पत्नी महनाज और मीरगंज इलाके की रहने वाली उसकी सौतन नाजरीन कोतवाली पहुंच गईं। दोनों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाना शुरू कर दिया। महिला सिपाहियों ने दोनों को समझाकर बातचीत की तो सच्चाई सामने आई। नाजरीन ने बताया कि उसके पिता जेल में थे। इस दौरान तीन साल पहले उसकी फरियाद से मुलाकात हुई थी। फरियाद ने कहा था कि उसके भाई जज हैं। वह उसके पिता की रिहाई करने में मदद कर देगा। इसके बाद फरियाद उसके करीब आ गया। फरियाद ने उससे निकाह कर लिया। बाद में पता लगा कि फरियाद की पहले से ही एक पत्नी है। उसने परिवार न्यायालय में मुकदमा डाला तो वहां के फैसले के बाद पंद्रह दिन फरियाद उसके साथ रहा। इसके बाद फिर से उसे धोखा देकर चला गया। महनाज का कहना था कि नाजरीन ने उसके पति को फंसाकर निकाह कर लिया था। अब वह उससे पांच लाख रुपये की मांग कर रही है। वह कचहरी तारीख पर आई थी। नाजरीन ने उसके साथ मारपीट की। नाजरीन का कहना है कि महनाज ने परिवार वालों को बुलाकर उसकी पिटाई कराई है। दोनों काफी देकर तक कोतवाली में हंगामा करती रहीं। एसएसआई राम नारायण के हड़काने पर शांत हुई।