मां ने डीआईजी को दिए सबूत, प्रधानी चुनाव की रंजिश बताई
बदायूं के आरिफपुर नवादा निवासी हबीबा बेगम कुछ दिन पहले डीआईजी से मिलीं। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से कुंवरगांव के हुसैनपुर करौतिया गांव की निवासी हैं। उनका बेटा शिब्ते रजा प्रधानी चुनाव लड़ना चाहता था। तीन साल पहले अज्ञात में पशु तस्करी का मुकदमा दर्ज करके उनके बेटे को आरोपी बना दिया गया। इसके बाद उन लोगों ने गांव ही छोड़ दिया और बदायूं में घर बनाकर रहने लगे।
यह भी पढ़ें- Bareilly News: लापरवाही बरतने पर दो दरोगा निलंबित, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एसएसपी ने की कार्रवाई
उनका बेटा काम के सिलसिले में कभी बदायूं तो कभी बरेली में रहता है। अब उन्हें पता लगा कि उन्हीं के समाज के विरोधियों ने बेटे का नाम फिर केस में लिखवा दिया है। उन्होंने साक्ष्य पेश किए। बताया कि जिस दिन की घटना दिखाई जा रही है, उनका बेटा उस दिन बरेली में था। पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस कर ले। बेटे की बरेली में मौजूदगी के कई फुटेज उनके पास हैं।
दबिश जैसी कार्रवाई पर रोक
बदायूं के एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि गलत तरीके से किसी को पशु तस्करी जैसे गंभीर मामले में आरोपी बनाने के मामले में बदायूं पुलिस खुद भी जांच कर रही है। रेंज कार्यालय से मिले निर्देश के बाद थाना स्तर से दबिश जैसी कार्रवाई रोक दी गई है। एसओजी को जानकारी नहीं रही होगी, इसलिए ऐसा हुआ होगा।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि प्रतिबंधितत पशुओं की तस्करी रोकने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी को फर्जी तरीके से फंसाया तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। चेतावनी के बाद भी दबिश क्यों दी गई, इस बारे में एसओजी व संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लिया जाएगा।