बरेली। संभल कांड की जांच के लिए सपा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल बरेली के जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप को सोमवार रात पुलिस ने उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। दोपहर में जिलाध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय जाने की कोशिश की। तब पुलिस अधिकारियों ने उनसे घर में ही रहने का आग्रह किया। इस कोशिश में सपाइयों की पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। कार्यालय जाने में विफल रहे सपाइयों ने संविधान दिवस का कार्यक्रम जिलाध्यक्ष के घर में ही मना लिया।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संभल कांड की जांच के लिए प्रतिनिधिमंडल नामित किया है। इसमें आंवला सांसद नीरज मौर्य और बरेली के जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप को भी शामिल किया गया है। संभल जाने की रणनीति बनाने से पहले ही सपा जिलाध्यक्ष को कैंट पुलिस ने सोमवार रात से ही उनके कांधरपुर स्थित घर में नजरबंद कर दिया।
सुबह इसकी जानकारी होने पर महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी व पार्टी के कई पदाधिकारी जिलाध्यक्ष के आवास पर पहुंच गए। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि सपा जिलाध्यक्ष ने संभल जाने की घोषणा की थी। वहां का माहौल बेहतर बनाने के लिए बाहरी नेताओं के जाने पर निगरानी रखी जा रही है। इसी वजह से जिलाध्यक्ष से आवास पर रहने के लिए कहा गया था। उन्होंने संभल न जाने का आश्वासन दिया तो दोपहर बाद पुलिस हटा ली गई।
जिलाध्यक्ष बोले- कुंदरकी में सपाइयों को नहीं डालने दिए वोट
सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संभल में सपाइयों का उत्पीड़न किया जा रहा है। संभल लोकसभा क्षेत्र की कुंदरकी विधानसभा सीट पर सत्ता पक्ष ने उप चुनाव हाईजैक कर लिया था। पुलिस-प्रशासन ने सपाइयों को वोट ही नहीं डालने दिया। वार्ता के दौरान पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष रविंद्र यादव, राजेश अग्रवाल, मनोहर पटेल, जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव मौजूद रहे। अमर उजाला ब्यूरो