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कटारिया के इस्तकबाल ने झलकाया शहर की राजनीति का बदलता हाल

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बरेली। हाल ही में बरेली की राजनीति में बड़ा फेरबदल हुआ है। राजेश अग्रवाल और धर्मपाल सिंह के मंत्री पद जाने के बाद योगी कैबिनेट में यहां का दबदबा काफी कम हो गया था। ऐसे में यहां के लोग राजनीति के दूसरे ध्रुवों की ओर रुख करने लगे हैं। अशोक कटारिया को कैबिनेट में जगह मिलने से इन लोगों को बड़ी उम्मीद मिली। अशोक कटारिया ने छात्र राजनीति के चलते बरेली में लंबा समय बिताया है, जिसके चलते यहां के हर वर्ग से उनका जुड़ाव है। यही वजह रही कि बुधवार को जिले की सीमा में प्रवेश करने से लेकर देर रात तक शहर भर में उनके स्वागत का सिलसिला चलता रहा। स्वागत करने वालों में युवाओं की संख्या ज्यादा थी, चाहें वे पार्टी से ताल्लुक रखने वाले नेता हों या समाज के किसी अन्य वर्ग से जुड़े हों।
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कार्यकर्ताओं के साथ ताजा कीं पुरानी यादें
बरेली। अशोक कटारिया के स्वागत का सिलसिला जिले की सीमा में प्रवेश करने के दौरान मीरगंज से ही शुरू हुआ। यहां जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, विधायक प्रो. श्यामबिहारी लाल, छत्रपाल गंगवार, ब्लॉक प्रमुख योगेश पटेल, संतोष शर्मा, संजीव अग्रवाल आदि ने उन्हें रिसीव किया और फूलमालाओं से स्वागत किया। फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर मेयर उमेश गौतम अपनी टीम के साथ मौजूद थे। परसाखेड़ा जीरो प्वाइंट पर हरवेंद्र यादव के साथ युवा मोर्चा ने स्वागत किया। सीबीगंज में मंडल अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश लोधी ने स्वागत किया। मिनी बाईपास पर गुर्जर महासभा के महेंद्र सिंह, धारा सिंह, जगपाल सिंह आदि ने स्वागत किया। किला पुल, सिटी स्टेशन के सामने और फिर भाजपा कार्यालय पर भी उनका स्वागत किया गया। इस दौरान प्रदीप पुष्कर, अंकित शुक्ला, अतुल कपूर, विशाल मेहरोत्रा आदि मौजूद रहे। भाजपा कार्यालय अपने पुराने याद करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को सीख लेने की बात कही। बोले- अगर मैं मंत्री बन सकता हूं तो कोई भी भाजपा पदाधिकारी मंत्री बन सकता है। यहां पर दुर्विजय सिंह शाक्य, आदेश प्रताप सिंह, अनिल राणा, विष्णु शर्मा, पवन शर्मा, मनोज यादव आदि मौजूद रहे।

ढोल बजाते रहे गए व्यापारी तो लौटकर पहुंचे
अयूब खां चौराहे पर व्यापारियों ने अशोक कटारिया के स्वागत के लिए इंतजाम किया था लेकिन वह चौपुला से भाजपा कार्यालय चले गए। जब उन्हें व्यापारियों के इंतजार की सूचना मिली तो वह शाम को दोबारा वहां पहुंचे।
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तो कटारिया की गाड़ी से क्यों उतरे जिलाध्यक्ष
परसाखेड़ा जीरो प्वाइंट पर महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा को अशोक कटारिया ने गाड़ी में बैठने को कहा तो उसमें जगह नहीं थी। इस पर जिलाध्यक्ष रविंद्र राठौर गाड़ी से उतर गए। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि उन्हें गाड़ी से उतार दिया गया। इस पर महानगर अध्यक्ष ने बताया कि जिलाध्यक्ष जिले की सीमा से बैठकर आए थे तो महानगर की सीमा पर मुझे बैठाने के लिए खुद ही उतर गए। उन्हें किसी ने उतरने को नहीं कहा।
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