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चुपचाप लौटकर घर में कैद हुए अजितेश के दादा-दादी और बहन

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बरेली। वीर सावरकर नगर में करीब 15 दिनों से सन्नाटे में डूबा अजितेश उर्फ अभि यो यो सिंह का घर शुक्रवार को फिर आबाद हो गया। दोपहर के वक्त अचानक अजितेश के दादा-दादी और बहन कार से यहां पहुंचे और आस-पड़ोस के लोगों से निगाहें मिलाने से बचते हुए चुपचाप घर में घुसे और फिर बाहर नहीं निकले। घर के बाहर मौजूद अमर उजाला की टीम ने घर में घुसते वक्त इन लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उससे भी बात नहीं की।
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अजितेश तीन जुलाई को बिथरी के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी को लेकर भाग निकला था। विधायक इस दौरान अपनी पत्नी का इलाज कराने लखनऊ गए हुए थे और उनका बेटा विक्की किसी बीमार रिश्तेदार को देखने दिल्ली गया हुआ था। नौ जुलाई को साक्षी का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उसने अजितेश के साथ शादी कर लेने की जानकारी देते हुए अपने विधायक पिता से जान का खतरा बताया तो यह प्रकरण नेशनल मीडिया की सुर्खियों में आ गया। इसी बीच अजितेश के नशा करते और हथियारों का प्रदर्शन करते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। यह भी खुलासा हुआ कि उसने भोपाल में एक लड़की से सगाई कर रखी थी तो वह सोशल मीडिया पर निशाने पर आ गया। टीवी चैनल की डिबेट में पिता पर निशाना साधने को लेकर साक्षी को भी जमकर ट्रोल किया गया। इस बीच दहशत में आए अजितेश के परिवार के लोगों ने घर में ताला लगाकर शहर छोड़ दिया था।
इसके बाद अफसरों ने अजितेश के घर पर सुरक्षा के लिहाज से चार सशस्त्र पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी थी। दो-दो पुलिसकर्मी तभी से बारह-बारह घंटे की शिफ्ट में यहां ड्यूटी दे रहा है। पंद्रह दिन बाद शुक्रवार दोपहर दो बजे अचानक अजितेश के दादा मोहन लाल, दादी सुशीला देवी और बहन अवंतिका घर लौटे। इनके साथ इसी घर में रहकर पढ़ाई कर रही अजितेश की बुआ की बेटी श्रुति भी थी। इन लोगों ने किसी से बात नहीं की। घर पर तैनात पुलिस वालों ने जरूर पड़ोस से कुछ लोगों को बुलाकर यह तस्दीक की कि वे अजितेश के ही परिवार के लोग हैं और इसके बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया। अंदर जाने के बाद ये लोग घंटों तक बाहर नहीं निकले न ही पड़ोस के लोगों से कोई बात की।
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सहमे हुए चेहरे, इधर-उधर नजर भी नहीं उठाई
टैक्सी से पहुंचे अजितेश के परिवार के चारों सदस्यों के चेहरों पर हाल के घटनाक्रम की छाप साफ दिखाई दे रही थी। चारों के चेहरे सहमे हुए थे। घर में सबसे पहले अजितेश की दादी और बहन घुसीं। उसके बाद उसके दादा और बुआ की बेटी। किसी ने भी पड़ोसियों से बातचीत तो दूर इधर-उधर नजर भी उठाकर नहीं देखा। ये लोग अजितेश के साक्षी की शादी की खबर सार्वजनिक होने के बाद घर छोड़कर अपनी रिश्तेदारियों में चले गए थे। इन्हें लाने वाले टैक्सी ड्राइवर ने बताया कि वह टूंडला से बुकिंग लेकर आया है।

अजितेश-साक्षी के साथ भाई-भाभी और पिता अब भी रिश्तेदारों की शरण में
अजितेश के दादा-दादी और बहन तो लौट आए, लेकिन साक्षी के साथ परिवार के बाकी लोगों ने अब भी रिश्तेदारों के यहां पनाह ले रखी है। अजितेश के परिवार में उसके पिता हरीश नायक के अलावा उसके बड़े भाई अभिषेक, उनकी पत्नी गुंजन और दो साल की बेटी है। ये लोग अब भी बाहर ही हैं। अजितेश की मां की मौत 16 अक्तूबर 2015 को हो चुकी है।

हर समय यही डर.. जाने कब क्या हो जाए
अजितेश के साक्षी के साथ भागने के बाद जिस तरह की सनसनी फैली, उससे उसके पड़ोस में रहने वाले लोग भी बुरी तरह आशंकित थे। सटे हुए घर में रहने वाली योगिता त्रिपाठी समेत अजितेश के पड़ोसियों ने बताया कि घटना के बाद जिस तरह चैनल और अखबारों में यह प्रकरण उछला, उससे उन्हें अजीब सा डर लग रहा था। तरह-तरह के ख्याल आते थे कि जाने कब क्या हो जाए। हालांकि इतने दिनों में उन्होंने कोई भी कॉलोनी में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि नहीं देखी। सिर्फ मीडिया के लोग ही यहां आए। और कोई संदिग्ध व्यक्ति यहां नहीं दिखा। उन्होंने बताया कि अजितेश के परिवार का कोई शख्स भी इतने दिनों में यहां नहीं आया। उन लोगों ने एक-दो पड़ोसियों को कॉल करके माहौल की जानकारी जरूर ली। अब परिवार के लोग आ गए हैं तो उन लोगों की टेंशन भी कम हुई है।
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