बरेली। मेरठ निवासी शिक्षा माफिया सचिन गुप्ता को भोजीपुरा पुलिस मेरठ से पकड़ लाई। उसे रविवार को जेल भेज दिया गया। जेल जाने से पहले उसने अन्य आरोपियों के बारे में पुलिस को अहम जानकारी दी। पुलिस दोबारा आरोपियों की धरपकड़ में जुटेगी। आरोपी न मिले तो उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। सचिन भाजपा नेता का भतीजा और अवनीश मित्तल पूर्व विधायक का पीए है।
24 मार्च को दिल्ली से आई एनसीईआरटी की टीम ने भोजीपुरा थाने में नकली किताबें छापने का मुकदमा दर्ज कराया था। टीम को भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्टरी से दो करोड़ रुपये की नकली किताबें मिली थीं। पुलिस की जांच में मेरठ निवासी शिक्षा माफिया का गैंग प्रकाश में आया। मेरठ के पूर्व विधायक का पीए अवनीश मित्तल, पीयूष कंसल, राहुल गुप्ता, सचिन गुप्ता, सोनू व नफीस खां के साथ ही बरेली के राजीव अग्रवाल के नाम मुकदमे में खोले गए। नफीस व राजीव अग्रवाल को पुलिस पूर्व में जेल भेज चुकी है। पुलिस ने नौ अप्रैल को कोर्ट से फरार प़ांचों आरोपियों के गैरजमानती वारंट जारी कराए थे।
बरेली पुलिस कई बार दबिश देने मेरठ गई थी। तब आरोपी अपने घरों से फरार हो गए थे। काफी मशक्कत के बाद एसआई रनवीर सि़ंह की टीम ने शनिवार रात में डी 14 सुपरटेक ग्रीन से सचिन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद बरेली के पुलिस के अधिकारियों के पास सिफारिशी फोन आने लगे पर पुलिस आरोपी को देर रात बरेली ले आई।
सचिन गुप्ता ने बताया कि वह अपने गैंग के साथ मेरठ में भी नकली किताबें छापता था। वहां कई बार वे पकड़े गए पर मेरठ में सियासी रसूख के चलते हर बार छूट जाते थे। उन्हें इस बार भी ऐसी ही उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सचिन ने अपने सरपरस्त कई नेताओं और उन पूर्व विधायक के बारे में भी जानकारी दी, जिनके दम पर अवनीश मित्तल इस धंधे को पूरे पश्चिमी उप्र में अंजाम दे रहा था।
भोजीपुरा पुलिस ने सचिन गुप्ता को मेरठ से पकड़ा था। उसे कोर्ट में पेश कर वहां से जेल भेज दिया गया। अब अवनीश मित्तल, राहुल गुप्ता, सोनू व पीयूष कंसल की तलाश के लिए टीम दोबारा मेरठ जाएगी। - राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात