केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और मेयर उमेश गौतम के बीच अतिक्त्रस्मण हटाओ अभियान को लेकर शुरू हुई राजनीति के बीच एसएसपी जोगेंद्र कुमार के ट्रांसफर के बाद जो कयास लगाए जा रहे थे, वे सच साबित हुए। मेयर उमेश गौतम और एसएसपी जोगेंद्र कुमार की जुगलबंदी टूटी तो निगम के बुलडोजर की ताकत भी कम हो गई। परिणामस्वरूप बुधवार को अभियान का अंतिम दिन होने के बावजूद निगम की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए फोर्स नहीं मिली।
पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और मेयर उमेश गौतम को पत्र लिखा था। केंद्रीय मंत्री ने इसमें लिखा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान अब यहीं स्थगित कर देना चाहिए। साथ ही आगे के अभियान के लिए जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों के साथ बैठकर रणनीति बनाने की बात कही। इसी बीच एसएसपी जोगेंद्र कुमार का ट्रांसफर हो गया। शहर में चर्चा रही कि मेयर उमेश गौतम से करीबी के चलते एसएसपी को यहां से जाना पड़ा। उनके जाने के बाद निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के जारी रहने पर सवाल उठने लगे। लोगों की यह शंका सही भी साबित हुई क्योंकि जोगेंद्र कुमार के जाने के बाद निगम की टीम को पुलिस का सहयोग मिलना बंद हो गया। उनके जाने के बाद सिर्फ एक दिन ही निगम टीम को पुलिस का भरपूर सहयोग मिल सका। बुधवार को नगर निगम की टीम को रहपुरा चौधरी रोड पर बाकी बचे कब्जे हटाने थे। इसके लिए निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी उत्तम कुमार वर्मा ने इज्जतनगर इंस्पेक्टर संजय सिंह से संपर्क किया लेकिन उन्होंने बीडीए के अभियान में फोर्स देने की बात कही। इसके चलते निगम को फोर्स नहीं मिल सका और अंतिम दिन भी अभियान नहीं चला।
गंगापुर में रुकवाया अवैध निर्माण
निगम टीम को बुधवार दोपहर गंगापुर में मंजू नाम की महिला द्वारा दुकान में ज्यादा बड़ा छज्जा निकालने की शिकायत मिली। सूचना पर उत्तम वर्मा, टीम प्रभारी जयपाल सिंह पटेल आदि पहुंचे। उन्होंने महिला को समझाया तो वह सिर्फ दो फुट छज्जा निकालने को तैयार हो गई। निगम टीम को यह लिखकर भी दे दिया।
धर्मस्थल की आड़ में अवैध निर्माण
गंगापुर के बाद निगम टीम सिविल लाइंस में नौमहला मस्जिद के पास पहुंची। यहां मस्जिद के पास सड़क का हिस्सा दबाकर दुकान बनाने के लिए बुनियाद खोदी गई थी। निगम टीम ने इसे रोका तो कुछ लोग पास के ही दूसरे धर्मस्थल का अतिक्रमण बताकर हंगामा करने लगे। इसके बाद निगम टीम ने सख्ती दिखाई और पैमाइश कर दीवार में निशान लगा दिए तो लोग शांत हो गए। वहीं नौ महला मस्जिद की कमेटी ने निगम को ज्ञापन देकर कहा कि मस्जिद के किनारे की भूमि पर निगम जबरन कब्जा कर रहा है जबकि वहां के सौंदर्यीकरण की बात कही गई थी। इसके बाद कमेटी के लोगों ने मेयर उमेश गौतम से भी इस संबंध में मुलाकात की तो उन्होंने दो दिन बाद स्वयं वहां का निरीक्षण करने की बात कही।