फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, नौ गिरफ्तार, आठ पिस्टल बरामद

Sat, 03 Nov 2018 10:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
विज्ञापन
प्रेस कांफ्रेंस करते पुलिस अधिकारी
विज्ञापन
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मुंगेर (बिहार) की पिस्टल सप्लाई करने वाले गिरोह का शुक्रवार दोपहर पर्दाफाश कर दिया। इनमें शामिल नौ लोग पकड़े गए हैं, जिनसे आठ जापानी पिस्टलें बरामद हुई हैं। करीब 32 कारतूस भी मिले हैं। पिस्टल सप्लाई करने वालों में एक बाइकर्स गैंग का सरगना भी शामिल है। उसकी अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। गिरफ्तार किए गए दो लोग नेताओं के करीबी बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन


शुक्रवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस के हत्थे चढ़ा गिरोह देशभर में पिस्टल की सप्लाई कर रहा था। काफी समय से इसकी सूचना मिल रही थी। तस्करों तक पहुंचने के लिए सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिरोही और अन्य टीम लगाई गई थी।

पुलिस टीम ने बुधवार देर रात अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा ककराला के वार्ड नंबर 21 निवासी भूरा उर्फ सरफराज को दबोच लिया। उसके पास से पिस्टल भी बरामद हुई।
विज्ञापन


पूछताछ के दौरान उसने अपने साथियों के नाम बताए। जिस पर पुलिस ने वार्ड नंबर चार ककराला निवासी सलीम, सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नागरान निवासी अमित, मोहल्ला अल्फाखां सराय निवासी रिंकू जोशी, मोहल्ला चौधरी सराय निवासी गौस मोहम्मद उर्फ करीम, मोहल्ला हुसैनी गली निवासी पंकज उर्फ पवन भारद्वाज, मोहल्ला शिवपुरम निवासी विनोद गुप्ता, वजीरगंज थाना क्षेत्र के कस्बा सैदपुर निवासी फन्ना उर्फ इरफान और संभल जिले के चंदौसी क्षेत्र के मोहल्ला मई निवासी मसरूर को गिरफ्तार कर लिया।

इनके पास से जापानी मोहर लगी आठ पिस्टल बरामद हुई हैं। इनसे सात मोबाइल, 32 बोर के 38 कारतूस और 11300 रुपये बरामद हुए हैं। जबकि बाइकर्स गैंग का सरगना शिवम गुप्ता निवासी शिवपुरम सदर कोतवाली फरार बताया जा रहा है। 

एक कॉल पर बुक होती थी पिस्टल

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए लोगों ने बताया कि वह शिवपुरम मोहल्ला निवासी शिवम गुप्ता से पिस्टल खरीदते थे। इस संबंध में उनकी शिवम गुप्ता से फोन पर बात होती थी। जब पिस्टल की खेप आ जाती थी। तभी शिवम उन्हें फोन कर देता था। उसके बाद यह लोग बताए गए स्थान पर पहुंच जाते थे। फिर पार्सल लेकर अपने गंतव्य को रवाना हो जाते थे।

30 प्रतिशत कमीशन पर मुहैया कराते थे ग्राहक
पुलिस के हत्थे चढ़े तीन लोग पिस्टल के सप्लायर बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक भूरा उर्फ सरफराज, सलीम और अमित प्रत्येक पिस्टल पर 30 प्रतिशत कमीशन लेते थे। यह लोग ग्राहकों से बात करते थे। ग्राहक पिस्टल खरीदने को राजी हो जाता था। उसके बाद शिवम से 30 प्रतिशत कमीशन लेकर बिक्री करवा देते थे।

20 से 40 हजार में बेची जाती थी पिस्टल
वैसे तो गिरोह मुनाफे वाला सौदा करता था। एक पिस्टल की कीमत बीस से लेकर चालीस हजार तक लगाई जाती थी। ग्राहक के ऊपर निर्भर होता था कि वह कितनी कीमत पर पिस्टल खरीदने को तैयार होता है। यह लोग एक पिस्टल की कीमत 40 हजार से शुरू करते थे। फिर जहां तक सौदा पटता, उसी पर बेच देते थे।

पुलिस ने पूर्व चेयरमैन के बेटे को छोड़ा
पिस्टल तस्करी के मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने एक पूर्व चेयरमैन और उसके बेटे को पकड़ा था। हालांकि पूर्व चेयरमैन को गुरुवार सुबह छोड़ दिया गया था। जबकि उसके बेटे को नहीं छोड़ा गया था। गुरुवार देर रात उसे भी छोड़ दिया गया। पुलिस ने इस मामले में पूर्व चेयरमैन का कोई हाथ नहीं बताया है।
 
विज्ञापन

शौकिया मिजाज में खरीदी पिस्टल, अब गए जेल

पुलिस के हत्थे चढ़े छह लोग ऐसे बताए जा रहे हैं, जिन्होंने शौक पूरा करने के लिए पिस्टल खरीदी थी। वह शौक तो पूरा नहीं कर पाए, लेकिन उन्हें जेल जरूर जाना पड़ा है। पुलिस के मुताबिक अल्फाखां सराय निवासी रिंकू जोशी, चौधरी सराय निवासी गौस मोहम्मद उर्फ करीम, चंदौसी संभल निवासी मसरूर, सैदपुर निवासी फन्ना उर्फ इरफान, हुसैनी गली निवासी पंकज उर्फ पवन भारद्वाज और शिवपुरम निवासी विनोद गुप्ता आदि के नाम इनमें शामिल हैं।   

'पिस्टल तस्करी के मामले में नौ लोग पकड़े गए हैं। इनसे आठ पिस्टल बरामद हुई हैं। अभी एक आरोपी नहीं पकड़ा गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। यह लोग कहां से पिस्टल लाते थे, अभी इसका पता नहीं चला है। जांच की जा रही है।'
-जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें