दूसरे राज्यों में जाकर एटीएम से निकाली ठगी की रकम
एसपी क्राइम ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने ठगी की रकम को दूसरे राज्यों में जाकर डेबिट कार्ड के जरिये निकाल लिया था। अविनाश प्लाईवुड कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी करता था। सीबीगंज इलाके के साइबर ठग से दोस्ती के बाद वह भी इसी धंधे में उतर गया।
गरीब अशिक्षित लोगों के खाते खुलवाकर उनका संचालन अपने हाथ में लेता था। आनंद मोहन को झांसे में लेकर डीसीबी बैंक, बंधन बैंक, सरस्वती बैंक, इंडसंड बैंक, एक्सिस बैंक और यस बैंक के खातों में रकम ट्रांसफर की गई। रकम ट्रांसफर होने के बाद अविनाश के साथी दिल्ली और हरियाणा जाकर डेबिट कार्ड के जरिये एटीएम से नकदी निकाल लेते थे। इससे मनी ट्रेल ब्रेक हो जाती थी और शिकायत की स्थिति में पुलिस की जांच भटक जाती थी।
जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनका इस्तेमाल उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा, राजस्थान और गुजरात व दमन दीव जैसे राज्यों में ठगी के लिए किया गया था। खातों के बारे में वहां भी शिकायतें की गई हैं। इन खातों से लिंक नंबर भी फर्जी आईडी पर लिए गए थे। सभी नंबरों की जांच की जा रही है।