कूड़े के ढेर पर पुलिस ने जलाया लावारिश शव
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सिविल लाइंस थाना पुलिस ने शुक्रवार को मानवता को शर्मसार करने वाला काम किया। पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति का शव सड़क किनारे कूड़े के ढेर पर लकड़ियां रखकर फूंक दिया जो लावारिस था। तीन दिन पहले उसकी लाश नाले में मिली थी। इस दौरान कुछ राहगीरों ने आपत्ति भी जताई लेकिन अंतिम संस्कार कराने पहुंचे पुलिस कर्मियों ने हड़का कर भगा दिया।
विगत 26 फरवरी की सुबह लावेला चौक से कचहरी चौराहा मार्ग पर टीचर्स कॉलोनी के सामने नाले में एक दिव्यांग युवक का शव मिला था। उसकी जेब से एक आधार कार्ड मिला था, जिस पर रिंकू पुत्र दीनदयाल निवासी कुंवरगांव लिखा था। पुलिस ने पूरे कुंवरगांव में उसको तलाश कराया, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी। इस पर पुलिस ने दिव्यांग युवक के शव को पोस्टमार्टम हाउस की मोर्चरी में रखवा दिया। शुक्रवार को शव रखे 72 घंटे पूरे हो गए। इससे सिविल लाइंस पुलिस ने दोपहर के बाद युवक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया। इसके लिए थाने से दो सिपाही गए थे। शाम चार बजे पोस्टमार्टम हुआ, उसके बाद दोनों सिपाही शव को पोस्टमार्टम हाउस के पीछे और एसएसपी कार्यालय के सामने जानी वाली सड़क पर ले गए।
पोस्टमार्टम हाउस पर रहने वाले व्यक्ति ने उस शव को सड़क किनारे कूड़े के ढेर पर रख दिया। उसके ऊपर कुछ लकड़ियां और उपले लगा दिए फिर केरोसिन डालकर आग लगा दी। इस दौरान सड़क से कुछ लोग गुजर रहे थे। उन्होंने लाश जलाने पर आपत्ति जताई। कहा भी कि इधर से लोग हर समय आते-जाते हैं। कुछ दूरी पर लोगों के घर भी हैं। लाश जलने की बात सुनकर उनके बच्चे तक डर जाते हैं। इस पर सिपाहियों ने उल्टे उन्हें कानूनी पाठ पढ़ा दिया। बाद में शव को फूंककर चले गए।
इस समय मैं बाहर आया हुआ हूं। मुझे इसकी जानकारी मिली है। कल ही मैं पूरे मामले को दिखवाता हूं। जांच के साथ-साथ इस मामले में कार्रवाई भी की जाएगी।
- राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ सिटी