बरेली। पुलिस लाइन और पीएसी परिसर में एडीजी की मौजूदगी में सोमवार को पासिंग आउट परेड कराई गई। इसमें 251 महिला और 169 पुरुष रिक्रूट को सिपाही का दर्जा दिया गया। हालांकि इनकी थानों में तैनाती के दौरान साल भर और प्रशिक्षण अवधि जारी रहेगी।
पुलिस लाइन में सोमवार दोपहर भव्य कार्यक्रम करके रिक्रूटों को प्रमाणपत्र बांटे गए। रिक्रूट ने परेड करके अफसरों को सलामी दी। मुख्य अतिथि एडीजी अविनाश चंद्र व एसएसपी शैलेश पांडेय ने जीप पर बैठकर परेड का निरीक्षण किया और नए सिपाहियों से तैनाती के बाद ईमानदारी से ड्यूटी करने का आह्वान किया। यहां बता दें कि दूसरे जिलों की 252 महिला रिक्रूट यहां प्रशिक्षण ले रही थीं। एक रिक्रूट ने शिक्षा क्षेत्र में मौका मिलने की वजह से परीक्षा छोड़ दी थी। बाकी को पास कर दिया गया था। प्रमाणपत्र लेकर उन्हें अपने तैनाती वाले जिलों में जाकर तत्काल आमद कराने के निर्देश दिए गए हैं। बरेली जिले से चयनित 720 रिक्रूटों ने दूसरे जिलों में पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। उनकी मंगलवार से ही जिले में आमद हो जाएगी। थानों में इनकी तैनाती की गई है। कार्यक्रम में डीएम नितिश कुमार व अन्य अफसर भी मौजूद रहे। मंच का संचालन सीओ हाइडिल जगदीश पाटनी ने किया तो आरआई हरेंद्र पाल सिंह ने आभार जताया। आठवीं वाहिनी पीएसी में भी एडीजी ने 169 रिक्रूट की पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया।
खुशी में मम्मी-पापा के साथ ली सेल्फी
परेड और प्रमाणपत्र मिलने के बाद सिपाहियों की खुशी का ठिकाना न रहा। कार्यक्रम में उनके परिवार के लोग भी बुलाए गए थे। पुलिस लाइन में नई महिला सिपाहियों ने अपने माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सेल्फी ली। इनमें से कुछ के परिवार में लोग पहले से पुलिस सेवा में थे तो कई ठेठ किसान परिवारों की बेटियां थीं। माता-पिता को खुशी थी कि पुलिस का हिस्सा बनकर बेटी ने परिवार का नाम रोशन किया है।
पुरस्कृत हुईं टॉपर
रिक्रूट से आरक्षी बनीं अनन्या यादव को पूरे प्रशिक्षण में टॉपर घोषित किया गया। परेड की प्रथम कमांडर सविता राज, द्वितीय कमांडर अंजलि और तृतीय कमांडर रचना चौधरी ने परेड का नेतृत्व किया। सभी को एडीजी व अन्य अफसरों ने पुरस्कृत किया।