अभी पहरेदारी, पीड़िताओं के मेडिकल और हेल्प डेस्क जैसे कर रही हैं काम
बरेली। पुलिस विभाग में महिला कर्मचारियों की लंबी फौज होने के बावजूद उनकी उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं। थानों में महिला सब इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक तैनात हैं लेकिन उनके पास कोई खास जिम्मेदारी नहीं है। इनमें से अधिकांश महिला सिपाही तो थानों में सिर्फ पहरेदारी, हेल्प डेस्क और पीड़िताओं के मेडिकल कराने तक ही सीमित हैं। वहीं, महिला संबंधी दुष्कर्म, तलाक और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों की विवेचना अब भी पुरुष सब इंस्पेक्टर ही कर रहे हैं। मगर जिले के कप्तान अब महिला पुलिस के कंधों पर काम का बोझ बढ़ाने की तैयारी में हैं। उनकी ड्यूटी पीआरवी में लगाने के साथ ही उन्हें गश्त और बीट की जिम्मेदारी देने की प्लानिंग चल रही हैञ
बरेली पुलिस के पास करीब 500 महिला पुलिसकर्मियों की भारी भरकम फौज है। एक वक्त था जब महिला पुलिस कर्मियों की कमी के चलते पीड़िताआें के मेडिकल या बयान के लिए दूसरे थानों से महिला पुलिसकर्मी बुलानी पड़ती थीं। मगर अब यह समस्या दूर हो चुकी है लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस अपनी महिला शक्ति का भरपूर इस्तेमाल नहीं कर रही है या यूं कहें कि इससे बच रही है। थानों में तैनात महिला पुलिसकर्मी पहरेदारी, हेल्पडेस्क या पीड़िता को बयान के लिए लाने ले जाने जैसे हल्के कामों में ही लगाई जाती हैं। यही वजह है कि तमाम महिला पुलिसकर्मी थानों में अक्सर मोबाइल पर बात करते या गेम खेलती भी नजर आती हैं। वहीं, महिला उत्पीड़न संबंधी दुष्कर्म, तलाक, दहेज, छेड़छाड़ जैसे अधिकांश मामलों की विवेचना आज भी पुरुष सब इंस्पेक्टर ही कर रहे हैं। मगर अब महिला पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ेगी। उन्हें ट्रेन कराकर पीआरवी में ड्यूटी लगाने के साथ ही बीट और गश्त की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।
अफसरों तक महिला पुलिस का खौफ
महिला पुलिसकर्मियों का खौफ भी थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्जों पर हावी रहता है। यह भी एक बड़ी वजह है, जिसके चलते थाना प्रभारी उन्हें कोई कड़ी या बड़ी जिम्मेदारी देने से बचते हैं। पूर्व में बदायूं में तीन महिला पुलिसकर्मियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें थाना प्रभारी पर शोषण के आरोप लगाए गए थे। इससे पहले बरेली में तैनात एक बडे़े अफसर के खिलाफ महिला सिपाही ने मनचाही जगह ट्रांसफर न देने पर गंभीर आरोप लगाते हुए शासन में शिकायत कर दी थी।
जिले में महिला पुलिस
इंस्पेक्टर : 01
सब इंस्पेक्टर : 29
हेड कांस्टेबल : 32
कांस्टेबल : 430
पुलिस विभाग में कार्यरत हर कर्मचारी की अलग-अलग जिम्मेदारी है। महिला पुलिसकर्मियों का काम भी बढ़ाया जाएगा। अब उन्हें ट्रेनिंग कराकर पीआरवी में ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही बीट, गश्त और सामान्य महिला अपराध संबंधी प्रार्थनापत्रों की जांच के काम में लगाया जाएगा।
- शैलेश पांडेय, एसएसपी