एएसपी की सख्ती: सड़क किनारे भटकते दिखे पुलिस वालों के परिवार
बरेली। ट्रांसफर और रिटायरमेंट के बावजूद सालों से सरकारी आवासों में कब्जा जमाए पुलिसकर्मियों पर सख्ती शुरू हो गई है। एएसपी अभिषेक वर्मा के आदेश पर रविवार को पुलिस लाइन से एक इंस्पेक्टर और दरोगा समेत चार पुलिस कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। बाकी 27 अवैध कब्जेदारों को नोटिस देकर सोमवार दोपहर 12 बजे तक की मोहलत दी गई है।
दूसरे जिलों से ट्रांसफर पर आने वाले तमाम पुलिसकर्मी आवास के लिए अफसरों के यहां चक्कर काट रहे हैं जबकि 31 पुलिस कर्मियों ने सरकारी आवासों में अवैध कब्जा जमा रखा था। इनमें से कुछ दूसरे जिलों में ट्रांसफर होकर वहां भी आवास ले चुके हैं तो कुछ रिटायर होने के बावजूद जमे हैं। पिछले दिनों इनके सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई तो सारा मामला खुल गया। इनमें से कुछ तो छह-छह साल से जमे हुए थे। इसके बाद इन्हें नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू हुई और चार-चार नोटिस तक भेजे लेकिन कोई असर नहीं दिखा तो रविवार को एएसपी अभिषेक वर्मा ने इन्हें खाली कराने का आदेश जारी कर दिया। आरआई ने पुलिस लाइन से फोर्स लेकर रविवार को पीलीभीत में तैनात इंस्पेक्टर हरिशंकर, एसआईएम अजय कुमार यादव, सिपाही प्रेम नारायण शर्मा, वीरभान सिंह आदि के आवास खाली करा दिए।
सामान फेंकने का लगाया आरोप
कुछ पुलिसकर्मियों के आवास रविवार शाम को खाली कराए गए थे। इस वजह से पुलिसकर्मियों के परिवार देर शाम तक पुलिस लाइन के आसपास ही बैठे नजर आए। इस दौरान उन्होंने जबरन सामान फेंकने का आरोप भी लगाया। कहा, अगर खाली कराना ही था तो दिन में करा लेते।
रिटायरमेंट के बाद भी कब्जा
आवास खाली करने के लिए 27 पुलिसकर्मियों को सोमवार दोपहर 12 बजे तक की मोहलत दी गई है। इनमें भी इंस्पेक्टर से लेकर फॉलोअर तक शामिल हैं। कुछ पुलिसकर्मी रिटायर होने के बावजूद सरकारी आवास में जमे हुए हैं।
सरकारी आवासों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुछ आवास रविवार को खाली करा लिए गए हैं। बाकी सभी सोमवार दोपहर तक खाली करा लिए जाएंगे।
- अभिषेक वर्मा, एएसपी