रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें गुलाटी और उसके कोर ग्रुप के सदस्य जूम मीटिंग में चर्चा करते दिखे। इनमें शामिल दो लोगों ने डीआईजी अजय कुमार साहनी व एसपी सिटी मानुष पारीक का नाम लेकर कुछ बातें कहीं। साथ ही गुलाटी को बरेली न आने और अपने 44 लाइंस (खास सदस्यों) का हिसाब करने की सलाह दी। एक ने कहा कि उसकी कल डीआईजी से 15 मिनट तक बात हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद आधिकारिक हलके में खलबली का आलम रहा। इसकी जानकारी मिलते ही डीआईजी ने एसएसपी को इन लोगों का पता लगाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस ने वीडियो से इन दोनों की पहचान की। इनमें विशाल शर्मा इज्जतनगर के आलोक नगर, एयरफोर्स गेट का निवासी निकला। जबकि दूसरे की पहचान विनय श्रीवास्तव के रूप में हुई। विनय 63 ए. कौवा बाग रेलवे कॉलोनी गोरखपुर का निवासी निकला। पुलिस ने इनके परिचितों के जरिये दोनों का पता लगा लिया और लोकेशन ट्रेस कर दोनों को सोमवार शाम फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के रहपुरा अंडरपास से गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपियों को मैंने कभी नहीं देखा, इसलिए इनकी पहचान करना मुश्किल था। दोनों की पहचान के बाद उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई। पता लगा कि गुलाटी पर इनके करीब चालीस लाख रुपये बाकी हैं। उन्हें वसूलने के लिए इन लोगों ने गुलाटी को प्रभाव में लेने के लिए मेरा व एसपी सिटी का नाम लिया। यह वीडियो भी पिछली साल अगस्त का बताया जा रहा है जिसे इन्हीं के किसी साथी ने वायरल किया है। गुलाटी की हिस्ट्रीशीट खोलने से लेकर पचास हजार का इनाम घोषित करने तक का काम हमने ही किया है। गुलाटी का पता लगाने के लिए भी टीमें काम कर रही हैं। -अजय कुमार साहनी, डीआईजी