राजेंद्र सिंह ने पीएनओ नंबर जब एप में डालकर देखा तो वह सिपाही कार्तिक चौधरी का निकला। कार्तिक बिजनौर के निवासी हैं और उन्नाव में तैनात हैं। तब पुलिस ने रोहित राठौर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ बारादरी थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया।
पत्नी से लेकर पड़ोसी तक हैरान
चौकी प्रभारी ने जब युवक के घर की तलाशी ली तो एक और वर्दी व आईडी कार्ड मिला। पत्नी बरेली जिले के बहेड़ी क्षेत्र की निवासी है। उसने बताया कि उसकी मौसी ने आठ महीने पहले उसकी शादी कराई थी। यही बताया गया था कि पति सिपाही है। वह कभी खुद को बरेली में तो कभी हरदोई में तैनात बताते थे।
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अक्सर रात को ड्यूटी की बात कहकर वर्दी पहनकर जाते थे। कई बार रुपये भी लेकर आते थे। एक कमरे को कुछ दिन पहले ही छोड़कर यह परिवार मोहल्ले के ही दूसरे घर में आया था। पहले मकान मालिक ने बताया कि रोहित की हरकतों से कई बार उसे शक हुआ कि वह असली पुलिसवाला नहीं है।