बदली पहचान से नहीं होता था किसी को शक
इंस्पेक्टर के मुताबिक रहमान माथे पर तिलक लगाकर पहचान बदल लेता था। उसने बताया कि पहले रामपुर में ही बाइक चोरी करने का धंधा किया। जब रामपुर पुलिस के रिकॉर्ड में रहमान का नाम बाइक चोर के तौर पर दर्ज हुआ तो वह आसपास के जिलों में बाइक चोरी करने लगा।
रहमान बाइक चोरी कर नेपाल ले जाकर बेच देता था। जब चोरी की बाइक बरामद नहीं होती थी तो उसे गिरफ्तारी के बाद आसानी से जमानत भी मिल जाती थी। उसने पुलिस को बताया कि नेपाल में मादक पदार्थों की मांग ज्यादा है। इसलिए रहमान स्मैक की सप्लाई भी करने लगा।
चोरी की बाइक के साथ वह स्थानीय तस्करों से स्मैक लेकर भी नेपाल में बेचने लगा। उसने बताया कि वह चोरी की बाइक और स्मैक लेकर नेपाल जाने को निकला था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। रहमान ने बताया कि माथे पर तिलक लगाने से उसकी पहचान बदल जाती थी इसलिए उस पर किसी को शक नहीं होता था।