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Bareilly News: सुरक्षा पर सवाल... मौलाना तौकीर रजा के एलान पर अलर्ट था, तब भी बवाल कर गए उपद्रवी

Sat, 10 Feb 2024 03:22 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में शुक्रवार को अलर्ट के बाद भी उपद्रवियों ने बवाल कर दिया। खुफिया अमला भी माहौल को भांप नहीं सका। इससे पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। 
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बरेली के श्यामगंज में हुआ था बवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में मौलाना तौकीर रजा खां ने पांच दिन पहले ही नौ फरवरी को गिरफ्तारी देने का एलान किया था। इस बीच हल्द्वानी में हिंसा के बाद अलर्ट भी जारी किया गया था। इसके बाद भी अफसर बवाल रोकने में नाकाम रहे। खुफिया अमला भी माहौल को भांप नहीं सका। भीड़ के बीच से निकले उपद्रवियों ने आखिरकार शहर में बवाल कर ही दिया।  

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1400 पुलिसकर्मियों को तैनात कर बिहारीपुर इलाके को छावनी बना दिया था। भीड़ को रोकने के लिए इस्लामिया मैदान व आसपास के इलाके में बैरिकेडिंग की गई थी। दोपहर ढाई बजे के बाद भीड़ का दबाव बढ़ने पर पुलिस असहाय नजर आई। बैरिकेडिंग व पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़कर लोग नावल्टी व कुतुबखाना की ओर से बिहारीपुर चौकी के पास तिराहे तक पहुंचते रहे। अचानक दो हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। मौलाना तौकीर के संबोधन के बाद भीड़ में शामिल युवा जोश में आ गए। लोग नारेबाजी करने लगे। 

मौलाना तौकीर व पुलिस के समझाने पर लोग यहां से चले तो गए पर युवा बेहद जोश और गुस्से में थे। जब वे श्यामगंज की ओर आए तो यहां पुलिस की तैनाती न के बराबर थी। इसीलिए तेजी से दौड़ते युवाओं के हुजूम ने राहगीरों को पीटना शुरू कर दिया। भीड़ ने एक बाइक सवार को पीटते वक्त बाइक में आग लगाने की भी बात कही। जब तक पुलिस पहुंची, ये लोग तोड़फोड़ कर चुके थे।

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मौलाना ने छत से समझाया तो भी हटने को तैयार नहीं थी भीड़
अपराह्न साढ़े तीन बजे मौलाना तौकीर बिहारीपुर चौकी के बगल वाली गली में पहुंचे और इस्लामिया मैदान जाने को लेकर अड़ गए। 15 मिनट तक तीखी तकरार के बाद मौलाना मान गए और वहां से लौट गए। दूसरे लोग इसके बाद भी वहीं डटे रहे। वे काफी आक्रोश में थे। बाद में पुलिस के कहने पर मौलाना तौकीर ने मस्जिद की छत पर जाकर लोगों से शांतिपूर्वक घर जाने की अपील की। यह अपील भी उतनी कारगर नहीं रही। लोग वापस लौटते समय भी बेहद गुस्से में थे। बाद में इसी भीड़ ने दूसरे इलाके में बवाल कर दिया। 

यातायात मोड़ने पर जोर, भीड़ नहीं देखी
श्यामगंज क्षेत्र में जो थोड़े-बहुत पुलिसकर्मियों की तैनाती थी भी तो वे यातायात प्रबंधन और डायवर्जन का पालन करने में अपनी ऊर्जा खपा चुके थे। एक बजे के बाद से ही अधिकतर मस्जिदों में नमाज के लिए लोग जुटते और निकलते रहे। मस्जिदों के बाहर युवाओं के समूह एकत्र होते रहे, जिस पर पुलिस ने खास ध्यान नहीं दिया। बाद में इन्हीं में से अधिकतर लोग बिहारीपुर की ओर कूच कर गए और वापसी में बवाल हो गया। ऐसे में पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहा है।
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