भूखंड मालिकों से सौदेबाजी की चर्चा, विद्युत निगम के अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत आई सामने
बरेली। खंभे और ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए विद्युत निगम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बने फुटपाथ को अनुमति के बिना ही तोड़ दिया। इसमें वहां स्थित भूखंड के स्वामियों से सौदेबाजी, विद्युत निगम के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत की बात सामने आ रही है। यह भी पता चला है कि गुपचुप तरीके से कई जगह तोड़फोड़ कर खंभे और ट्रांसफार्मर शिफ्ट किए गए हैं।
स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। अब मामला उजागर होने पर विद्युत निगम के अधिकारियों को नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया है कि स्मार्ट सिटी रोड नंबर 11 पर सर्किट हाउस चौराहे के पास स्थापित ट्रांसफार्मर को अनुमति के बिना ही फुटपाथ तोड़कर स्थानांतरित कर दिया गया। साथ ही, आईसीआईसीआई बैंक के सामने लगे ट्रांसफार्मर, एलपी पैनल और चार खंभे भी स्वीकृति के बिना ही बदल दिए गए। इसका अधिकार विद्युत निगम के पास नहीं है, क्योंकि इस क्षेत्र में केबल बिछाने सहित अन्य संरचनात्मक कार्य स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए गए हैं।
रातों-रात करते हैं काम, शिकायत पर बदल देते हैं कागजात
विद्युत निगम से जुड़े ठेकेदारों और भूखंड मालिकों की मिलीभगत पहले से चली आ रही है। कई बार इसकी शिकायतें आती हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। अफसर कागजी हेराफेरी कर मामले को दबा देते हैं। इस बार कार्य ही दूसरे विभाग का था, पर ठेकेदारों और अफसरों की मिलीभगत से उसे करा दिया गया। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने मामले को पकड़ा। इसे गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन करार दिया है। संवाद
आईसीआईसीआई बैंक और सर्किट हाउस के पास ट्रांसफार्मर व पोल शिफ्टिंग के मामले में नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। यह सरकारी रकम की क्षति है। विद्युत निगम को काम कराना था तो अनुमति ले सकते थे। उन्हें नियमों के तहत अनुमति दी भी जाती। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त