बरेली। मीरगंज के गांव से लापता हुई बेटी के बरामद न होने से खफा बुजुर्ग पिता ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की, लेकिन परिवार वालों ने उसे जिला अस्पताल में लाकर भर्ती करा दिया। यहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बीस सितंबर को ग्रामीण की बेटी को बिथरी चैनपुर के अय्यापुर गांव का सोवरन सिंह यादव बहला फुसलाकर ले गया था। पिता को पहले को यही पता नहीं लगा कि बेटी कहां चली गई। मुकदमा लिखाने के लिए उसे अफसरों के यहां चक्कर लगाने पड़े। 10 अक्तूबर को बमुश्किल ग्रामीण की बेटी के अगवा होने का मुकदमा मीरगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ लिखा गया। पुलिस की छानबीन में सोवरन का नाम सामने आया। पता लगा कि ग्रामीण की रिश्तेदारी बिथरी इलाके में हैं। वहीं उनकी लड़की से सोवरन की मुलाकात हुई थी। पीड़ित पुलिस से लगातार बेटी को बरामद करने की मांग करते रहे, लेकिन उनकी बेटी को पुलिस बरामद ही नहीं कर पाई। उसने आईजी, डीआईजी, एसएसपी सभी के पास जाकर बेटी को बरामद कराने की गुहार लगाई। शुक्रवार को इससे परेशान होकर लड़की के पिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिवार वालों ने उन्हें जिला अस्पताल में लाकर भर्ती करा दिया। एसओ मीरगंज सतीश यादव ने बताया कि लड़की के शादी करने की सूचना आ रही है। उसे बरामद करने के बाद मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। लड़की की उम्र औरबयानों के आधार पर कोर्ट जो फैसला देगी उसी के हिसाब से आगे कार्रवाई होगी।