फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंधाधुंध खोदाई की वजह से तीन हजार घरों में 26 घंटे तक ठप रही पीएनजी की सप्लाई

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। सिविल लाइंस की आवास विकास कॉलोनी और आसपास के इलाकों में तीन हजार घरों में 26 घंटे हुई फाकाकशी की जिम्मेदार स्मार्ट सिटी कंपनी निकली। अंधाधुंध खोदाई की वजह से पाइप लाइन कटने के बाद शनिवार सुबह चार बजे ठप हुई पीएनजी की सप्लाई रविवार सुबह छह बजे चालू हो पाई। इस बीच लोगों के लिए चाय-नाश्ते और खाने का इंतजाम करना सिरदर्द बना रहा।
विज्ञापन

शनिवार सुबह करीब चार बजे अचानक आवास विकास कॉलोनी और आसपास के करीब तीन हजार घरों में पीएनजी की सप्लाई बंद हो गई थी। आमतौर पर इस तरह पीएनजी सप्लाई ठप होती रहती है लिहाजा लोग घंटा-डेढ़ घंटा इंतजार करते रहे लेकिन बच्चों के स्कूल जाने का समय हुआ तो भागदौड़ शुरू हो गई। इसके बाद लोगों को न घर की बनी चाय नसीब हुई और दोपहर और रात का खाना। कंपनी के दफ्तर में संपर्क करने पर इतना ही पता चला कि कहीं पाइप लाइन लीक हो गई है।
पीएनजी की सप्लाई पूरे 26 घंटे बाद रविवार सुबह छह बजे शुरू हो पाई। सीयूजीएल के मैनेजर जितेंद्र गौतम ने बताया कि स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्य के लिए खोदाई की जा रही थी जिसकी वजह से पाइप लाइन कट गई थी। पाइप लाइन कहां कटी है, इसका पता लगाने में काफी देर लगी, इसी वजह से लोगों को 24 घंटे से ज्यादा वक्त तक संकट झेलना पड़ा।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि काफी छानबीन के बाद पता चला कि एसएसपी आवास रोड पर भाजपा महानगर कार्यालय जाने वाली गली में दो जगह पाइप में लीकेज हुई है। स्मार्ट सिटी के तहत पोल और मार्कर लगाने के लिए यहां जमीन में ड्रिल किया गया था। इसी से पाइप में छेद हो गया और गैस लीक होने से सप्लाई ठप हो गई थी।
सीयूजीएल ने जब्त किए स्मार्ट सिटी के पोल मार्कर, अफसरों को लिखी चिट्ठी
सीयूजीएल के मैनेजर जितेंद्र गौतम के मुताबिक स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्य करा रही कार्यदायी संस्थाएं बगैर सूचना के कहीं भी खोदाई शुरू कर देती हैं। गैस की पाइप लाइन कट जाने की भी सूचना नहीं दी जाती। उन्होंने इस संबंध में कई बार स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को पत्र भेजा है लेकिन कोई जवाब तक नहीं मिला। इस बार उनके पोल मार्कर जब्त कर लिए हैं जो अधिकारियों के आने पर ही लौटाएंगे। अगर कोई इन्हें लेने नहीं आएगा तो सख्त पत्र लिखा जाएगा क्योंकि लीकेज होने पर पीएनजी में अगर कभी आग लग गई तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
जिम्मेदारियों से बच रही कंपनी जहां डाली पाइप, लगाए मार्कर
पार्षद राजेश अग्रवाल का कहना है कि पीएनजी कंपनी अधिकारी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं। नियमानुसार जहां से पीएनजी लाइन गुजरती है, वहां मार्कर लगाए जाने चाहिए ताकि आम आदमी भी मार्कर को देखकर अलर्ट रहे। मार्कर पर कितनी गहराई और कितने क्षेत्रफल और कितनी दूरी तक पाइन बिछी है यह जानकारी होती है। अगर कंपनी ने बिछाई गई लाइन के बीच-बीच में मार्कर लगाए होते तो पाइप कटती ही नहीं। आकलन के अनुसार ड्रिलिंग होती। सीयूजीएल की इस खामी का नतीजा लोगों को 24 घंटे तक भुगतना पड़ा है।
पीएनजी की लाइन जहां डाली गई हैं, वहां इंडीकेटर्स कम हैं जो दिखाई नहीं दे रहे। पाइप लाइन की गहराई भी कम है। इसी वजह से दिक्कतें आ रही हैं, फिर भी टीम से कहा गया है कि वह इसका ध्यान रखें। - बीके सिंह, सीजीएम स्मार्ट सिटी कंपनी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें