बरेली के परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित प्लाइवुड फैक्टरी महावीर इंडस्ट्रीज के मालिक 55 वर्षीय संजीव कुमार गर्ग की धारदार हथियार से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह उनका शव फतेहगंज पश्चिमी में शंखा नदी के पुल के पास उन्हीं की कार की ड्राइविंग सीट पर मिला। संजीव बृहस्पतिवार रात फैक्टरी से प्रेमनगर स्थित अपने घर नहीं लौटे थे। रात से ही उनका बेटा उनकी तलाश कर रहा था।
परसाखेड़ा में संजीव कुमार गर्ग की काफी बड़ी प्लाइवुड फैक्टरी है जहां से कई दूसरे राज्यों में माल जाता है। वह अकेले ही फैक्टरी संभालते थे। उन्होंने ड्राइवर नहीं रखा हुआ था और खुद ही कार चलाकर फैक्टरी आते-जाते थे। बृहस्पतिवार सुबह दस बजे रोज की तरह वह घर से फैक्टरी गए थे लेकिन रात को देर तक नहीं लौटे। उनके बेटे शुभम ने दो-तीन बार फोन किया तो उन्होंने जल्दी आने की बात कही लेकिन यह नहीं बताया कि वह कहां हैं।
आधी रात के बाद भी संजीव नहीं लौटे तो शुभम ने उनकी तलाश शुरू कर दी। कार में लगे जीपीएस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस कर शुभम सुबह आठ बजे दिल्ली हाईवे पर स्थित शंखा नदी के पुल से अगरास गांव जाने वाली सड़क पर बढ़े तो 50 मीटर आगे ही एक किनारे कार खड़ी मिल गई।
किसी राहगीर की सूचना पर इसी बीच इंस्पेक्टर फतेहगंज पश्चिमी राजेश कुमार भी पहुंच गए। संजीव का शव कार की ड्राइविंग सीट पर पड़ा था और दरवाजा खुला होने की वजह से बाहर लटक गया था। साइड व्यू और रियर व्यू के शीशे टूटे हुए थे। विंड स्क्रीन को पत्थर या डंडा मारने के निशान थे लेकिन इसके बावजूद वह नहीं टूट पाई थी।