बरेली। उत्तर प्रदेश ताइक्वांडो समिति की ओर से लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में 17 से 19 अगस्त तक आयोजित चौथी सब-जूनियर एवं सीनियर स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में एसआर इंटरनेशनल स्कूल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया है। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 40 जिलों से लगभग 600 खिलाड़ियों ने भाग लिया।
इसमें सब-जूनियर टीम वर्ग में अथर्व, अमोघ और श्रेयांश ने शानदार तालमेल और जुझारूपन का परिचय दिया। सभी खिलाड़ियों ने शुरुआती राउंड में प्रतिद्वंद्वियों को मात देते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि स्वर्ण पदक से एक कदम दूर रह गए, मगर उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें रजत पदक दिलाया।
सब-जूनियर वर्ग में आरुष और नक्श ने कांस्य पदक अपने नाम किए। अथर्व ने व्यक्तिगत वर्ग में कड़े मुकाबले के बीच रजत पदक जीता। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर स्कूल की एमडी रूमा गोयल, प्रधानाचार्य अमित रोनाल्ड चौहान और कोऑर्डिनेटर रश्मि सिंह ने उन्हें बधाई दी। संवाद
स्कूल के माध्यम से आया खेल में रुझान
11 वर्षीय खंडेलवाल नगर निवासी अथर्व बताते हैं कि उन्हें ताइक्वांडो खेल में रुचि स्कूल की ओर से मिले अवसर और साथी खिलाड़ियों को मिल रहे प्रशिक्षण के माध्यम से हुई। अब वह पढ़ाई के साथ-साथ नियमित रूप से खेल का प्रशिक्षण लेते हैं और घर आकर भी अभ्यास करने में जुटे रहते हैं। अथर्व कहते हैं कि खेल और पढ़ाई को साथ लेकर चलना कठिन है, लेकिन अनुशासन और समय प्रबंधन से यह संभव हो पाता है।
कई खेलों में है अमोघ का रुझान
12 वर्षीय अमोघ शुक्ला मेगा सिटी के निवासी हैं। उनकी माता कोमल शुक्ला बताती हैं कि अमोघ, फुटबॉल, क्रिकेट और बैडमिंटन जैसे खेलों में भी निपुण हैं। पढ़ाई में भी वह अव्वल रहते हैं। मगर उनका मुख्य खेल ताइक्वांडो है। स्कूल में निरंतर अभ्यास और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से अमोघ ने टीम इवेंट में रजत पदक जीतकर अपने परिवार और विद्यालय का नाम रोशन किया है।
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ताइक्वांडो को शौक के तौर पर अपनाया
ग्रेटर ग्रीन पार्क निवासी आरती ने बताया कि बेटे श्रेयांश ने ताइक्वांडो को शौक के तौर पर अपनाया था, लेकिन धीरे-धीरे उनके भीतर इस खेल के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई। विद्यालय के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से श्रेयांश के खेल में निखार आया और अब वे इसे गंभीरता से लेते हैं। श्रेयांश घर पर भी अभ्यास करते हैं। यही समर्पण उन्हें टीम इवेंट में रजत पदक दिलाने में सहायक रहा।