कड़े अभ्यास, अनुशासन के साथ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना है लक्ष्य
बरेली। भारतीय शूटिंग टीम में स्थान बनाकर देश का नाम रोशन करने की दिशा में शहर की होनहार खिलाड़ी लगातार मेहनत कर रही हैं। उनका सपना सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय फलक पर भारत की मजबूत पहचान बनाना है। नियमित अभ्यास, तकनीकी सुधार और मानसिक संतुलन के साथ ये खिलाड़ी अपने लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। प्रशिक्षक गौरव शर्मा के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से उनका आत्मविश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
- बचपन से ही खेलों में था रुझान
सुभाष नगर निवासी 18 वर्षीय मनप्रीत कौर फ्यूचर यूनिवर्सिटी में छात्रा हैं। वह बताती हैं कि बचपन से ही उनका रुझान खेलों की ओर रहा है। शूटिंग के साथ-साथ उन्हें घुड़सवारी का भी शौक है। वह मसूरी में वर्ष 2024 में हुई आईसीएसई गेम्स एंड स्पोर्ट्स में कांस्य पदक हासिल कर चुकी हैं। उनका मानना है कि शूटिंग जैसे खेल में शारीरिक तैयारी के साथ मानसिक मजबूती भी बेहद जरूरी है। इसी कारण वह नियमित रूप से योग और मेडिटेशन करती हैं, ताकि ध्यान और धैर्य बनाए रख सकें। उनका लक्ष्य भारतीय टीम में चयनित होकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतना है। संवाद
एनसीसी के दौरान हुआ खेल से जुड़ाव
महेंद्र नगर की 21 वर्षीय रुचि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं। वह बताती हैं कि खेलों से जुड़ाव एनसीसी के दौरान शुरू हुआ। एनसीसी से मिले प्रशिक्षण ने उनके अंदर अनुशासन और आत्मविश्वास जागृत किया, जिसने उन्हें शूटिंग की ओर प्रेरित किया। वर्ष 2022 से उन्होंने शूटिंग में पेशेवर प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वह इंटर यूनिवर्सिटी खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी हैं। रुचि दूसरी बार भारतीय टीम के ट्रायल तक पहुंच चुकी हैं। उनका कहना है कि ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन कर टीम में स्थान बनाना ही उनका अगला लक्ष्य है। इसके लिए वह प्रतिदिन तीन से चार घंटे नियमित अभ्यास कर रही हैं।
पिता के कहने पर खेल में रखा कदम
महानगर की 16 वर्षीय देवीना गर्ग आर्मी पब्लिक स्कूल में पढ़ती हैं। वह कम उम्र में ही खेल में अपनी पहचान बना चुकी हैं। देवीना बताती हैं कि पिता के कहने पर उन्होंने शूटिंग में कदम रखा, लेकिन धीरे-धीरे यह खेल उनका जुनून बन गया। उन्होंने दो वर्ष पहले शूटिंग शुरू की और कम समय में ही उपलब्धियां हासिल कीं। देवीना चेन्नई में हुई इंटर स्कूल नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, साथ ही प्रदेश स्तर पर उनके नाम पांच पदक दर्ज हैं। भारतीय टीम में स्थान बनाने के लिए वह भी प्रतिदिन तीन से चार घंटे अभ्यास कर रही हैं और हर प्रतियोगिता को सीखने का अवसर मानती हैं।