शाही। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण स्थल को लेकर बहादुरपुर गांव में विवाद गहरा गया है। परिवार नियोजन केंद्र के नाम दर्ज जमीन पर कब्जे हो गए। इसलिए अब नए स्वास्थ्य केंद्र को गांव से करीब 600 मीटर दूर बनाने की तैयारी पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण गांव में परिवार नियोजन केंद्र के लिए दर्ज जमीन पर ही कराया जाए। इसके लिए ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई है। बहादुरपुर गांव में उक्त जमीन पर करीब एक बीघा जमीन खतौनी में परिवार नियोजन केंद्र के नाम दर्ज है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 40 वर्ष पहले इस जमीन पर परिवार नियोजन केंद्र का भवन बनाया गया था। भवन जर्जर होने के बाद वर्ष 2006 में तत्कालीन डीएम के आदेश पर परिवार नियोजन केंद्र और स्कूल की इमारत को गिरवा दिया गया था।
इसके बाद मलबा हटाया गया तो धीरे-धीरे कुछ लोगों ने परिवार नियोजन केंद्र की जमीन पर पक्के निर्माण कर लिए। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल के नजदीक खतौनी में बाग दर्ज है, लेकिन मौके पर बाग मौजूद नहीं है।
ग्राम प्रधान पप्पू राजपूत का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2024 में जमीन पर स्वास्थ्य केंद्र बनवाने का प्रस्ताव दिया था। यह जमीन परिवार नियोजन केंद्र के नाम दर्ज है और गांव के भीतर स्थित है। इसके बावजूद मौजूदा लेखपाल उक्त जमीन के बजाय दूसरे जमीन पर स्वास्थ्य केंद्र बनवाने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि राजस्व अभिलेखों में नवीन परती के रूप में दर्ज है। संवाद