हादसों के बावजूद नहीं चेत रहे जिम्मेदार
कुत्ते की पिटबुल नस्ल को पालने पर कई देशों में पहले से प्रतिबंध लगा हुआ है। कुछ समय पर शासन ने भी ऐसे कुत्तों का पंजीकरण न किये जाने और इन्हें पालने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी नहीं चेते। शहर में प्रतिबंधित प्रजाति के कुत्तों को पकड़ने के लिए कभी कोई अभियान नहीं चला। लोग भी बिना डर के इन्हें पाल रहे हैं।
नगर निगम के पशु चिकित्सा व कल्याण अधिकारी डॉ. आदित्य तिवारी कहते हैं कि पिटबुल को नहीं पाल सकते। अगर पहले से ही कहीं पाला गया है तो उसकी नसबंदी होना जरूरी है, जिससे उसकी नस्ल को रोका जा सके।
सूचना मिलने पर जागे और शेल्टर होम पहुंचाया
पिटबुल के हमले की खबर से नगर निगम बेखबर था। क्षेत्रीय लोगों को हमले की जानकारी हुई तो उन्होंने वन विभाग के रेंजर को सूचना दी। लोगों को डर था कि पिटबुल वापस आकर किसी और पर हमला न कर दे। रेंजर वैभव चौधरी ने सूचना मिलने पर नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद निगम की कुत्तों को पकड़ने के लिए गठित टीम सक्रिय हुई और शाम तक पिटबुल को पकड़कर निगम स्थित शेल्टर होम में निगरानी के लिए रखा गया है।
कुत्ते को एनिमल बर्थ सेंटर में रखा गया है, ताकि वह किसी और पर हमला न करे। केंद्र पर रखे जाने के बाद से ही वह शांत है। हालांकि वहां मौजूद कर्मी उसके पास जाने से घबरा रहे हैं।- गुरु चरनजीत सिंह, प्रभारी, रेस्क्यू टीम, नगर निगम
कुत्तों को नगर निगम की टीम पकड़ती है। घटना की सूचना मिलने पर उन्हें जानकारी दी गई तो पिटबुल को निगम की रेस्क्यू टीम ने पकड़ लिया।- वैभव चौधरी, रेंजर, वन विभाग