मीरगंज। ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई योजना आज भी पल्था गांव में अधूरी पड़ी है। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही इस योजना से ग्रामीणों को पेयजलापूर्ति नहीं हो पाई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उप्र. जल निगम और ठेकेदार दोनों ही अपने कर्तव्यों से मुकर रहे हैं। पाइपलाइन अधूरी है और ओवरहेड टैंक तक का काम पूरा नहीं हुआ है। केवल टैंक के पिलर खड़े हैं, लेकिन टैंक नहीं बना। इससे गांव का पेयजल आपूर्ति का सपना अधूरा है। ग्राम प्रधान शब्बीरन ने कहा कि ठेकेदार काम छोड़कर लगभग चार महीने से गायब है, जबकि अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। चौकीदार परविंदर ने बताया कि टंकी अधूरी पड़ी है और ग्रामीण रोजमर्रा के पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। जल निगम के जेई राकेश चौधरी ने कहा कि बजट की कमी के कारण काम रुका हुआ है। संवाद