बरेली। इराक और ईरान की धार्मिक यात्रा पर गए जायरीन फिलहाल क्रुम शहर में ही हैं। खौफ के बीच वे वतन वापसी की दुआ कर रहे हैंं।
बरेली सहित आसपास के शहरों और कस्बों से महिलाओं सहित 30-35 लोगों का जत्था वहां पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब के खानदान के बुजुर्गों के रौजे पर जियारत के लिए गया था। फिलहाल ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण वहां से उड़ानें बंद हैं। इस कारण जत्था ईरान में फंसा हुआ है।
जत्थे में शामिल बरेली के सलीम हैदर गुड्डू ने बताया कि सभी वहां रुके हुए हैं मगर फिक्र अपने मुल्क पहुंचने और अपनों से मिलने की है। अल्लाह बस जल्द से जल्द हालात बेहतर कर दे। तेहरान के रास्ते ब्लॉक किए जाने की वजह से वे फिलहाल क्रुम शहर में ही हैं। जत्थे में शामिल रुखसार नकवी ने कहा कि खुदा का शुक्र है कि यहां अभी कोई खतरे की बात नहीं है, मगर फिक्र तो सभी को है। बरेली से घरवालों और रिश्तेदारों की कॉल लगातार आ रही हैं।
परिजन भी हैं बेचैन
इधर, बरेली में उनके परिजन भी बेचैन हैं। चक महमूद निवासी अनवर इंशा और किला निवासी खुर्शीद अब्बास का कहना है कि वह लगातार ईरान गए लोगों के संपर्क में हैं। कॉल कर उनका हालचाल ले रहे हैं। दो दिन पहले ही फ्लाइट बंद हुई है, वर्ना सभी भारत आ गए होते। 17 जून को ही उनकी वापसी की फ्लाइट थी। दुआ कर रहे हैं कि बस किसी तरह सबकी सुरक्षित वतन वापसी हो जाए। संवाद