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घर से 25 मीटर दूर पिकेट मगर पूरी रात पुलिस गायब

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घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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पंचायत के बहाने तीन घंटे बातों में उलझाए रहे बदमाश, एक ने मास्क उतारा न कुछ बोला

फतेहगंज पश्चिमी। ट्रांसपोर्टर के घरसे 25 मीटर दूर ही पुलिस पिकेट है लेकिन अफसरों ने सीसीटीवी की फुटेज देखी तो पता चला कि इस प्वाइंट पर घंटों तक किसी भी पुलिस वाले की आवाजाही नहीं हुई। रविवार को एसपी देहात ने इस पर स्टाफ की जमकर क्लास ली। एसएसपी ने मुआयने के बाद बंद कमरे में पुलिस वालों से पूछताछ की।
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ट्रांसपोर्टर गोविंद ने पुलिस को बताया कि दो बदमाश करीब 35 और दो 30 साल की उम्र के थे। उनकी भाषा वाकई मुरादाबाद जैसी लग रही थी। सभी अपने एक साथी को अनुभव कहकर बुला रहे थे। इनमें तीन ने तो चेहरे खोले मगर एक लगातार मुंह पर मास्क लगाए रहा और कुछ भी नहीं बोला। परिवार ने शक जताया कि यह शख्स स्थानी बदमाश हो सकता है। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने घटनास्थल पर पड़ताल के बाद पुलिस पिकेट के नजदीक लूटपाट होने को लेकर थाना प्रभारी चंद्रकिरण यादव पर नाराजगी जताई। नए एसपी क्राइम सुशील कुमार ने भी पूछताछ की।

सीसीटीवी की फुटेज ने खड़े किए कई सवाल, जवाब ढूंढने में जुटी पुलिस

लूटपाट की वारदात के अजीबोगरीब घटनाक्रम ने पुलिस को उलझा दिया। पड़ोस में सराफ और रेडिमेड गारमेंट की दुकान के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बदमाश पहले 8:05 बजे गोविंद के घर में जाते दिखे। थोड़ी देर बाद बाहर आकर करीब 20 मिनट सीढ़ियों पर बैठे रहे और इसके बाद उल्टी दिशा में चले गए। पौने दस बजे वह दोबारा घर में दाखिल हुए। इसके बाद 12.29 पर निकलकर चले गए लेकिन इस दौरान उनके हाथ में कोई बैग नजर नहीं आया जबकि ट्रांसपोर्टर के मुताबिक बदमाश बैग में माल भर ले गए। घर में जरूर कई छोटे बैग मिले जिनमें रखा माल निकालकर ले जाने की बात बताई गई है। फील्ड यूनिट की जांच में न सभी बैग की चेन लगी पाई गई। सेफ के लॉकर दुरुस्त मिले और चाबियां भी ठीक से रखी हुई थीं। पुलिस के मुताबिक आमतौर पर बदमाश लूट के बाद बैग की चेन लगाने या सेफ का लॉकर लगाकर चाबी जगह पर रखने में वक्त नहीं गंवाते। फोरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट भी लिए है।

24 घंटे में खुलासा नहीं तो आंदोलन

व्यापार मंडल अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने व्यापारियों के साथ बैठक करके डकैती के खुलासे के लिए पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना में बर्बाद व्यापारी अब लुट रहे हैं। पुलिसवाले गश्त के बजाय शाम तक एसी गाड़ियों में घूमते हैं। बाद में सोने चले जाते हैं। पुरानी घटनाओं का भी खुलासा नहीं हुआ है। बैठक में आशीष के अलावा राजकपूर गुप्ता, सुचित अग्रवाल, दीपक गोयल, विनोद अग्रवाल, कैलाश शर्मा व प्रिंस रस्तोगी आदि शामिल थे।

फरीदपुर में हुई थी ऐसी घटना

बरेली। फरीदपुर में पिछले साल एक व्यापारी के घर लगभग इसी तरह वारदात हुई थी। वहां बदमाशों ने व्यापारी के घर में घुसते ही कहा था कि वे पुलिसवाले हैं और लड़की भगाने के आरोपी की तलाश करने आए हैं। अंदर घुसने के बाद उन्होंने लूट की और चले गए। इतनी देर बैठकर बातें करने की जिले में फिलहाल यह पहली घटना है।
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