बरेली।
बैचलर ऑफ फिजिकल एजूकेशन (बीपीएड) में एडमिशन लेने की चाह रखते हैं तो खुद को फिजिकल टेस्ट के लिए भी फिट कर लीजिए, क्योंकि प्रवेश परीक्षा के बाद एडमिशन की मेरिट में जगह बनाने के लिए आपको फिजिकल टेस्ट भी पास करना होगा।
पिछली बार बीपीएड के एडमिशन में हुई गड़बड़ी के बाद विवि ने एडमिशन के कायदे कानून बदल दिए हैं। इतना ही नहीं जिस खेल का सर्टिफिकेट लगाएंगे उसमें खुद को साबित भी करना होगा। मानकों के अनुसार खेलकर दिखाना होगा। प्रवेश परीक्षा के बाद विवि फिजिकल टेस्ट का शेड्यूल जारी करेगा। फिजिकल टेस्ट 50 नंबर का होगा और हर एक्टिविटी के लिए नंबर निर्धारित किए जाएंगे। फिलहाल, जो भी अभ्यर्थी परीक्षा में बैठेंगे उनको फिजिकल टेस्ट के लिए क्वालीफाई माना जाएगा।
ताकि योग्य अभ्यर्थियों
को ही मिले एडमिशन
बीपीएड डिग्री धारकों को फिजिकल एजूकेशन का शिक्षक बनने का मौका मिलता है। बीपीएड के एडमिशन में पिछली बार जमकर घपला हुआ था। ऐसे अभ्यर्थियों के प्रवेश ले लिए गए जो मानक ही पूरे नहीं करते थे। अभ्यर्थी किसी भी खेल का खिलाड़ी होना चाहिए, उसने प्रदेश या नेशनल स्तर तक खेला हो। फिजिकल फिट भी हो। जब एडमिशन फार्म चेक किए गए तो 70 अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट ही संदिग्ध निकले। अभी भी चार में से तीन कॉलेजों ने ब्योरा नहीं भेजा। विवि ने इसलिए एडमिशन के नियम ही बदल दिए। 22 सेकेंड में चार सौ मीटर की दौड़ होगी, फुटबालर हैं तो 90 मिनट मैदान पर बिताने होंगे। इसी तरह फिजिकल टेस्ट में दौड़, थ्रो, जंप जैसी एक्टिविटी कराई जाएंगी। इसमें मानकों का स्तर भी देखा जाएगा। ताकि योग्य अभ्यर्थी को ही बीपीएड में एडमिशन मिले।
बीपीएड के एडमिशन के लिए फिजिकल टेस्ट और जिस खेल का सर्टिफिकेट लगाया है उसमें खुद को साबित करके दिखाना होगा। इसके अंक मेरिट में जुड़ेंगे। इसी से प्रवेश में मौका मिलेगा। जल्द इसका शेड्यूल जारी किया जाएगा।
-प्रोफेसर एके जेटली, क्रीड़ा सचिव विवि