स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी दलों के साथ प्रशासन ने भी तैैयारियां तेज कर दी हैं। इस दफा भी नगर निगम के चुनाव तो ईवीएम से ही होने हैं। नई बात यह है कि ईवीएम पर मेयर प्रत्याशियों के नाम के साथ तस्वीरें होंगी। पार्षद पद के प्रत्याशियों तस्वीरें नहीं होंगी। निगम के अलावा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में बैलेट पेपर से ही चुनाव होने हैं।
नगर निगम का चुनाव 2012 में भी ईवीएम से ही हुआ था, लेकिन उस मेयर और पार्षद किसी की ईवीएम पर प्रत्याशियों की तस्वीरें नहीं थी। नाम के आगे उनका चुनाव चिन्ह लगा था। इस बार मेयर प्रत्याशियों की तस्वीर(फोटो)भी ईवीएम पर रहेगी। एक ईवीएम में 16 प्रत्याशियों के ही नाम और फोटो होेंगे। इससे ज्यादा प्रत्याशी होने पर ईवीएम दूसरी रखी जाएगी। फिलहाल निगम में 6.68 लाख वोटरों हैं। मतदाता सूूचियों के पुनरीक्षण का काम चल रहा है। मंगलवार को सभी की बीएलओ की रिपोर्ट आनी थी, लेकिन कुछ नहीं दे पाए हैं। जिसकी वजह से अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। वोटरों की संख्या सात लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। चुनाव कराने के लिए मध्यप्रदेश के सिंगरोली और सीधी शहर से ईवीएन मशीनें आ चुकी हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी ने अभिजीत मुखर्जी ने बताया कि प्री-2006 ईवीए चुनाव कराने को मिली हैं। यह मशीने इलेक्ट्रोनिक कारपोरेशन ऑफ इंडिया, हैदराबाद की हैं। ईवीएम की चेकिंग कराई जा चुकी हैं। खराब होेने पर एक्ट्रा भी रहेंगी। कहीं भी दिक्कत आने पर दूसरी दे दी जाएगी।