बरेली। हीमोफीलिया मरीजों को अवैध तरीके से फैक्टर उपलब्ध कराने का मामला सामने आया है। जीवन रेखा हीमोफीलिया जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों ने एडी एसआईसी से मुलाकात कर फार्मा कंपनी के फैक्टर से लोगों की जान संकट में पड़ने की आशंका जताई है।
शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचकर समिति पदाधिकारियों ने मांग की अगर कोई कंपनी फैक्टर बांटने के नाम पर जिला अस्पताल में शिविर आयोजित करना चाहे तो उन्हें अनुमति न दी जाए। बताया कि एक फार्मा कंपनी की ओर से हीमोफीलिया के मरीजों को फैक्टर वितरित किया जा रहा है। इस पर आपत्ति जताते हुए मरीजों से संबंधित फैक्टर का प्रयोग न करने की जानकारी दी गई, क्योंकि बगैर विशेषज्ञ चिकित्सक की देखरेख में लगाया गया फैक्टर जानलेवा हो सकता है।
अध्यक्ष रेखा रानी का कहना है कि जिला अस्पताल में अधिकृत फैक्टर ही लगवाएं। इस दौरान रामकिशोर, महेंद्र पाल व अन्य मौजूद रहे। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक समिति ने संबंधित फार्मा कंपनी से वितरित किए जा रहे फैक्टर प्रकरण की जांच की मांग की, लेकिन हम किसी फार्मा कंपनी के खिलाफ जांच नहीं करा सकते। लिहाजा, समिति पदाधिकारियों को उच्चाधिकारियों से संपर्क करने का सुझाव दिया है। अस्पताल में मेडिकल कारपोरेशन से प्राप्त अधिकृत फैक्टर ही लगाए जाते हैं। कोई फार्मा कंपनी अस्पताल में फैक्टर नहीं बांट सकती।