भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया नेशनल पेट डे। स्रोत: संस्थ
बरेली। पालतू पशु सिर्फ मनोरंजन भर नहीं, बल्कि पालकों का मानसिक स्वास्थ्य बढ़ाते हैं। अकेलापन दूर कर सकारात्मक ऊर्जा के संचार से जैविक गुणवत्ता बेहतर करते हैं। साथ ही, बीमार होने पर सहचिकित्सक की भूमिका निभाते हैं। बशर्ते उनकी देखभाल, टीकाकरण समय पर हो।
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय पालतू पशु दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ये बातें कार्यक्रम संयोजक और पशु पोषण विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. असित दास ने कही। छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. एसके साहा ने संतुलित पोषण, स्वच्छ, आरामदायक आवास, नियमित टीकाकरण, उचित चिकित्सकीय देखभाल समेत संवेदनशीलता पर जोर दिया।
वैज्ञानिक डॉ. अंजू काला ने पशुओं की भावना समझने, डॉ. सुमन तालुकदार ने पशुओं की देखभाल के लिए जनजागरूकता का सुझाव दिया।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मिले प्रशस्तिपत्र
कार्यक्रम में संस्थान के यूजी, पीजी विद्यार्थियों के बीच आधुनिक जीवन में साथी पशुओं की भूमिका विषय पर भाषण प्रतियोगिता हुई। बीवीएससी एवं एएच तृतीय वर्ष के विद्यार्थी सुनील कुमार और द्वितीय वर्ष की दिवांशी सैनी संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे। द्वितीय वर्ष के विल्सन वडो ने दूसरा स्थान हासिल किया। इन्हें पुरस्कृत किया गया। ब्यूरो