बरेली। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के दौरान शुक्रवार को ट्रेनों और रोडवेज बसों में 29 हजार से ज्यादा अतिरिक्त यात्रियों ने यात्रा की। रेलवे ने शाहजहांपुर-बिजनौर, मुरादाबाद-लखनऊ, बरेली-लखनऊ और बरेली-मथुरा के बीच परीक्षा विशेष 10 ट्रेनों का संचालन किया। रोडवेज की 85 बसों ने अतिरिक्त फेरे लिए। इसके बावजूद कई नियमित ट्रेनों के आरक्षित कोचों पर परीक्षार्थियों का कब्जा रहा। अब फिर एक नवंबर को परीक्षा होगी।
परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए जंक्शन पर दो और बरेली सिटी स्टेशन पर एक होल्डिंग एरिया भी बनाया गया। रोडवेज ने भी अतिरिक्त व्यवस्था की, लेकिन दोनों पालियों में परीक्षा छूटने के बाद ये कम पड़ गईं। विशेष गाड़ियों की लेटलतीफी के कारण परीक्षार्थियों को जो भी ट्रेन मिली, उसी में सवार हो लिए।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात 11 बजे से शुक्रवार रात 10 बजे तक ट्रेनों में 29 हजार से ज्यादा अतिरिक्त यात्री रहे। व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के अलावा सिविल पुलिस भी मुस्तैद रही। सीओ जीआरपी मुरादाबाद अनुभाग विश्वजीत प्रताप सिंह ने बताया कि भीड़ का दबाव ज्यादा बढ़ने के कारण कुछ अव्यवस्थाएं हो जाती हैं। स्टेशनों पर भीड़ के दौरान पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
जंक्शन पर खुद एडीआरएम ने संभाला मोर्चा
मुरादाबाद रेल मंडल के एडीआरएम प्रेम शंकर झा परीक्षा के मद्देनजर बृहस्पतिवार रात ही बरेली पहुंच गए थे। शुक्रवार को उन्होंने भीड़ बढ़ने के दौरान जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस के साथ जंक्शन पर खुद मोर्चा संभाला। प्लेटफाॅर्म नंबर एक और दो पर यात्रियों का ज्यादा दबाव रहा। यहां सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग भी कराई गई। उन्होंने बताया कि परीक्षा विशेष गाड़ियों से परीक्षार्थियों को काफी सहूलियत मिली। ट्रेनों में अनारक्षित यात्रियों की संख्या ज्यादा रही।