पहली अप्रैल से पहले बैंक खातों, एलपीजी, पेंशन, राशन कार्ड और सभी तरह की सब्सिडी के लिए आधार कार्ड लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके चलते आधार कार्ड शिविरों में हर दिन भीड़ जुट रही है। आधार कार्ड बनाने का अभियान मार्च तक चलेगा। तहसील में लगे कैंप में अच्छी-खासी भीड़ लग रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न योजनाओं को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए मार्च तक की मोहलत दी है। इसके तहत ही जिले में कई स्थानों पर निजी क्षेत्र कंपनियां कार्ड बनाने की काम रही हैं। तहसील सदर परिसर में लगे कैंप में ज्यादा भीड़ पहुंच रही है। इनमें तमाम लोग कार्ड में संशोधन के लिए आते हैं। तहसील में आने वालों लोगों को बैठने और पेयजल आदि व्यवस्था नहीं है। सबसे ज्यादा महिलाएं परेशान हो रहीं हैं, क्योंकि टायलेट सुविधा भी नहीं है। एक कमरे चल रहे कैंप की स्थिति यह है कि काम करने वाले कर्मी भी खड़े होकर काम कर रहे हैं। तहसील प्रशासन आधारकार्ड कैँप को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं दिख रहा है। तहसील सदर ने बताया कि प्रशासन इससे ज्यादा सुविधाएं नहीं दे सकता।
वोटर कार्ड संशोधन 500 रुपये में
कलेक्ट्रेट परिसर में नया वोटर कार्ड बनवाने और संशोधन कराना आसान काम नहीं है। बड़ी तादाद में फार्म छह और आठ इधर उधर होने से लोग परेशान हैं। जिनके कार्ड बन चुके हैं उनको वितरित नहीं हो पा रहे हैं। तहसील और आसपास लोग नया वोटर कार्ड बनवाने और संशोधन कराने के नाम पर 500 रुपये तक वसूल रहे हैं। इसकी शिकायत होने पर ही तहसील प्रशासन और निर्वाचन अधिकारी गंभीर नहीं दिख रहा है। अपना दल नेता गजेंद्र पटेल ने कहा है कि फार्म गायब होने, कार्ड बनवाने और संशोधन कराने में रही वसूली पर प्रभावी कार्रवाई हो, उनका कहना है कि निर्वाचन में लगे अफसरों की मनमानी से ही नगर निकाय, नगर निगम चुनावों में वोटर सूची से हजारों नाम गायब हो थे। यह अफसर फिर से ऐसा कराने की कोशिश कर रहे हैं।