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उर्स-ए-रजवी: बरेली में चादर जुलूस रोकने पर हंगामा, पुलिस से भिड़े लोग, लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा

Tue, 19 Aug 2025 06:00 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव खजुरिया जुल्फिकार में मंगलवार को चादर जुलूस को लेकर विवाद हो गया। उर्स में चादर जुलूस लेकर जा रहे लोगों को दूसरे पक्ष ने रोकने की कोशिश की। इससे वहां हंगामा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को वहां से हटाया। इसके बाद जुलूस निकलवाया गया। 
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चादर जुलूस में शामिल लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव खजुरिया जुल्फिकार में इस बार भी चादर जुलूस का विवाद खड़ा हो गया। उर्स-ए-रजवी में चादर लेकर जा रहे लोगों को ग्रामीणों ने नई परंपरा बताकर रोका तो पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ा और चादर जुलूस निकलवा दिया। तब ग्रामीणों ने चौकी प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों को ही नारेबाजी कर दौड़ा लिया। कुछ लोगों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। एसपी सिटी ने बताया कि लिखित सहमति के बाद भी प्रधानी की रंजिश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।

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मंगलवार दोपहर बाद खजुरिया जुल्फिकार गांव से होकर आला हजरत उर्स में शामिल होने के लिए चादर जुलूस जा रहा था। गांव के एक समुदाय के लोगों ने इसे नई परंपरा बताकर हंगामा शुरु कर दिया। चादर जुलूस के पीछे चल रही पुलिस सामने आ गई और ग्रामीणों से तीखी बहस हो गई। पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को खदेड़ा और चादर जुलूस आगे बढ़वा दिया।

पुलिस पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाकर की घेराबंदी
गांव से जुलूस गुजरने के बाद हंगामा कर रहे लोग आपा खो बैठे। उन्होंने बैरियर टू चौकी प्रभारी शिवकुमार मिश्रा समेत मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को घेर लिया। भीड़ हंगामा कर नारेबाजी कर रही थी कि इन पुलिसवालों ने पैसा खाया है। दूसरे पक्ष से मोटी रकम लेकर गांव से जुलूस निकलवाकर नई परंपरा डालने की कोशिश की है। 

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लोगों का कहना था कि भाजपा सरकार होने के बाद भी वही लोग पुलिस के डंडों का शिकार हो रहे हैं। पुलिस पर लाठीचार्ज करने और बच्चों तक को पीटने का आरोप लगाया गया। कहा कि अन्याय के खिलाफ वह चुप नहीं बैठेंगे। आरोप लगाया कि लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे पूर्व प्रधान को भी पुलिस ने दूसरे पक्ष के उकसावे पर लाठी मारी हैं।

सीओ ने समझाकर शांत कराया, गांव में पुलिस तैनात
पुलिसकर्मियों के घेराव व गालीगलौज का वीडियो बनाकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद शहर में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। सूचना पर सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों से बात की। 

सीओ के प्रयास से आक्रोशित लोग फिलहाल शांत हो गए। हालांकि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि उर्स निपटने के बाद पुलिस मामले में कार्रवाई कर सकती है। खुराफाती मौके के वीडियो के जरिये चिह्नित कर लिए जाएंगे।

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एसपी सिटी बोले- बख्शे नहीं जाएंगे प्रधानी की रंजिश में माहौल बिगाड़ने वाले
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि चादरों के जुलूस को लेकर पहले से ही दोनों पक्षों में सहमति थी और लिखित समझौता हो गया था। चादर खोलने के स्थान पर विवाद करने की कोशिश की गई। मौजूद पुलिस बल ने समझाया कि जो लिखित समझौता हुआ था उसी के अनुसार जुलूस निकाला जा रहा है। बावजूद लोग हंगामा करते रहे। हमने मौके पर जाकर हंगामा करने वालों को समझा दिया है। 

मौके पर पुलिस बल तैनात है और शांति है। गांव में एक ही समुदाय के प्रधान और पूर्व प्रधान हैं तो दोनों के बीच चुनावी प्रतिद्वंदिता रहती है। इसी वजह से मामले को तूल देने की कोशिश की गई। दोष तय करके कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई लिखित शिकायत मिलेगी तो भी जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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