लोगों का कहना था कि भाजपा सरकार होने के बाद भी वही लोग पुलिस के डंडों का शिकार हो रहे हैं। पुलिस पर लाठीचार्ज करने और बच्चों तक को पीटने का आरोप लगाया गया। कहा कि अन्याय के खिलाफ वह चुप नहीं बैठेंगे। आरोप लगाया कि लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे पूर्व प्रधान को भी पुलिस ने दूसरे पक्ष के उकसावे पर लाठी मारी हैं।
सीओ ने समझाकर शांत कराया, गांव में पुलिस तैनात
पुलिसकर्मियों के घेराव व गालीगलौज का वीडियो बनाकर किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद शहर में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। सूचना पर सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों से बात की।
सीओ के प्रयास से आक्रोशित लोग फिलहाल शांत हो गए। हालांकि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि उर्स निपटने के बाद पुलिस मामले में कार्रवाई कर सकती है। खुराफाती मौके के वीडियो के जरिये चिह्नित कर लिए जाएंगे।
एसपी सिटी बोले- बख्शे नहीं जाएंगे प्रधानी की रंजिश में माहौल बिगाड़ने वाले
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि चादरों के जुलूस को लेकर पहले से ही दोनों पक्षों में सहमति थी और लिखित समझौता हो गया था। चादर खोलने के स्थान पर विवाद करने की कोशिश की गई। मौजूद पुलिस बल ने समझाया कि जो लिखित समझौता हुआ था उसी के अनुसार जुलूस निकाला जा रहा है। बावजूद लोग हंगामा करते रहे। हमने मौके पर जाकर हंगामा करने वालों को समझा दिया है।
मौके पर पुलिस बल तैनात है और शांति है। गांव में एक ही समुदाय के प्रधान और पूर्व प्रधान हैं तो दोनों के बीच चुनावी प्रतिद्वंदिता रहती है। इसी वजह से मामले को तूल देने की कोशिश की गई। दोष तय करके कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई लिखित शिकायत मिलेगी तो भी जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।