दूसरे पक्ष ने लगाया यह आरोप
दूसरे पक्ष के धर्मपाल ने पुलिस को दिए गए पत्र में बताया कि उनकी बेटी की विदा के बाद मेहमान व गांव वाले खाना खा रहे थे। इस बीच महेंद्रपाल, जय सिंह, आकाश, अतुल, वीर सिंह आदि लाठी-डंडों से लैस होकर घर में घुस आए और घर में रखे बर्तन व कुर्सी आदि में तोड़फोड़ कर दी। खाने को जमीन पर फेंक दिया। घर के बाहर डेढ़ दर्जन बाइकों में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना में सुनील पुत्र राजाराम आदि घायल हो गए।