बरेली। स्मार्ट सिटी बनाए गए शहर में प्रवेश पर पर्यटकों का स्वागत कूड़े के ढेर और बदबू के साथ हो रहा है। खासतौर पर नेकपुर चीनी मील और डेलापीर क्षेत्र की यही स्थिति है। क्षेत्रवासी नगर निगम से लेकर आईजीआरएस तक में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। नगर निगम के अधिकारी कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था होने की बात कह रहे हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही है। समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
दरअसल, बदायूं की ओर से आने वाले मार्ग पर शहर में एंट्री से पहले नेकपुर चीनी मील पर वार्ड 13 इलाके में बने डलाव घर पर कूड़े का ढेर लगा रहता है। रोजाना सुबह ही वार्डों का कूड़ा यहां डाल दिया जाता है और शाम तक उठ पाता है। वहीं हाई प्रोफाइल इलाकों में शामिल डेलापीर इलाके में भी डलाव घर से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा। यही नहीं सुभाषनगर थाने के पास और इज्जतनगर स्टेशन के सामने मिनी बाइपास रोड पर भी कूड़े के ढेर और बदबू की वजह से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। इस वजह से डेंगू, मलेरिया के सबसे अधिक मरीज इन्हीं इलाकाें में मिल रहे हैं।
प्राचीन ललिता देवी मंदिर का रास्ता भी यहीं से
बदायूं की ओर से आते ही शहर की शुरुआत में नेकपुर से प्राचीन ललिता देवी मंदिर का रास्ता है, जहां से बड़ी संख्या में लोग दर्शन को जाते हैं। लेकिन मोड़ पर ही कूड़े का डलाव घर है। इसके कारण लोग यहां से गुजरना पसंद नहीं कर रहे। हालांकि हाइवे होने के कारण सड़क पर ट्रैफिक काफी रहता है।
डलावघर से चार-पांच घंटे में कूड़ा उठ जाता है। इसके बाद चूना आदि डालने का काम भी हम लोग करते हैं। मच्छर और बदबू आने की बात सामने आई तो इसे टीम बनाकर दिखवाएंगे। ब्लीचिंग पाउडर आदि का छिड़काव कराया जाएगा।
डॉ. संचित शर्मा, सहायक नगर स्वास्थ्य अधिकारी