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Bareilly News: गड़बड़ी करने पर पेशकार निलंबित, एसडीएम न्यायिक के खिलाफ बैठी जांच

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एसडीएम के बगैर आदेश फाइल हटाने व धारा 80 के मामलों में आदेश कराने का मामला
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बहेड़ी। एसडीएम के बगैर आदेश खामोशी से फाइल हटाने और एसडीएम न्यायिक के न्यायालय में लाकर धारा 80 के मामलों में आदेश कराना पेशकार को भारी पड़ गया। जांच के बाद जीरो टॉलरेंस नीति के तहत डीएम ने तत्काल प्रभाव से एसडीएम न्यायिक के पेशकार मोतीराम को मंगलवार को निलंबित कर दिया। इस मामले में एसडीएम न्यायिक की भी जांच शुरू हो गई।
मोतीराम के पास एसडीएम न्यायिक के अलावा तहसीलदार के पेशकार का भी चार्ज था। इस मामले की तहसील परिसर में दिनभर चर्चा होती रही। कुछ दिन ही कमिश्नर के दौरे की सूचनाएं आने लगीं। इसको देखते हुए पूर्व में हुए आदेशों की फाइलों की पड़ताल की गई तो पता चला धारा 80 की करीब चार फाइलों में एसडीएम के कोई भी हस्ताक्षर नहीं थे। उनके न्यायालय से एसडीएम न्यायिक तृप्ति गुप्ता के पेशकार मोतीराम ने खामोशी के साथ सभी फाइलें लाकर अपनी अदालत में रख ली। इसके बाद एसडीएम न्यायिक ने भी इसको जांचना जरूरी नहीं समझा और पेशकार पर विश्वास करके इन सभी फाइलों में ताबड़तोड़ आदेश करा डाले। मामला जानकारी में आते ही डीएम अविनाश कुमार सिंह ने जांच कराई, तब मामला पकड़ में आया। प्रथम दृष्ट्या दोषी मानते हुए एसडीएम न्यायिक के पेशकार मोतीराम को हटा दिया गया। एसडीएम न्यायिक के खिलाफ भी जांच बैठा दी गई है।
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अब पूर्व में हुए आदेशों की जांच भी होगी शुरू
एसडीएम न्यायिक और तहसीलदार की अदालत में मोतीराम की तैनाती से लेकर अब तक जितने भी आदेश हुए हैं। उनकी जांच होगी। अगर ऐसा हुआ तो मोतीराम के अलावा इस खेल में शामिल कई और नाम भी कार्रवाई की जद में आएंगे।
एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित किया
एक अन्य मामले में टेहरा गांव के लेखपाल अनिल सिंह को एसडीएम इशिता किशोर ने जांच के मामले में लापरवाही करने को लेकर कारण बताओ नोटिस दो बार जारी किया। नोटिस दिए जाने के बावजूद लेखपाल ने कोई जवाब नहीं दिया। इस मामले में एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से लेखपाल अनिल सिंह को निलंबित कर दिया है। संवाद
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क्या है धारा 80
धारा 80 से भूमि मालिकों को अपनी जमीन के उपयोग को बदलने का विशेषाधिकार मिलता है। (जैसे कृषि से आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक उद्देश्यों के लिए), बशर्ते वे सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त करें। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है, ताकि भूमि मालिक अपनी संपत्ति का अधिकतम लाभ उठा सकें।
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एसडीएम न्यायिक के पेशकार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। मामले में जांच कराई जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
- पूर्णिमा सिंह, अपर जिलाधिकारी, प्रशासन
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