- लागू हुए आठवें वेतन आयोग में राज्य पेंशनरों के हितों की चर्चा न होने से नाराजगी, 25 मार्च को प्रदर्शन की तैयारी
बरेली। जनवरी-2026 में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को केंद्र सरकार ने प्रभावी कर दिया है, लेकिन इससे राज्य सरकार के पेंशनर्स खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि आयोग की सिफारिशों में राज्य पेंशनर्स के हितों की न तो कोई बात है और न ही उन्हें इसमें शामिल किया गया है। जबकि केंद्रीय कर्मियों को उसमें लाभ देने की सिफारिश है। इसी क्रम में सोमवार को राज्य पेंशनरों ने पीडब्ल्यूडी के संघ भवन में मंडलीय बैठक की।
संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति की ओर से हुई बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ (कल्याण परिषद) के प्रांतीय अध्यक्ष सत्यदेव सिंह, पीसीएस संवर्ग के पदाधिकारी अमृत लाल साहू भी थे। प्रांतीय नेताओं ने पेंशनर्स को बताया कि आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों के हितों को शामिल नहीं किया गया है। जबकि इसके लिए 18 विभागों के सेवानिवृत्त कर्मियों ने कई चरण में मांग उठाई थी। मांग स्वीकार न होने से अब जिला व मंडल स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाना जरूर हो गया है। अमृत लाल साहू ने कहा कि केंद्रीय कार्यकारिणी ने निर्णय दिया है कि 25 मार्च को जिले व मंडल स्तर पर केंद्र सरकार के विरोध में काला दिवस मनाया जाएगा।
पेंशनर्स कल्याण समिति के मंडल संयोजक जयवीर सिंह और संप्रेक्षक विश्वभान सिंह ने बताया कि आठवें वेतन आयोग में केवल कर्मचारियों और केंद्रीय पेंशनर्स की बात है। जबकि, राज्य पेंशनर्स के संबंध में कोई चर्चा ही नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि यदि आठवें वेतन आयोग में राज्य पेंशनरों को भी जोड़ा जाए ताकि समय-समय पर उनकी पेंशनराशि में वृद्धि हो सके और महंगाई भत्ता आदि अन्य सुविधाएं भी मिल सकें।सभी पेंशनरों से इस मामले में एकजुट होने की अपील भी की गई है।
मंडलीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे केएन सहगल ने पीलीभीत, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर के सभी पेंशनरों से आगामी 25 मार्च को काला दिवस सफल बनाने का आह्वान किया है। इस मौके पर डिप्लोमा इंजीनियर संघ के मंडल अध्यक्ष एमपी सिंह, प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री बेचेलाल, पीपीएस संवर्ग के राजेश्वर सिंह, पीडीएस संवर्ग के सुरेंद्र सिंह, विद्युत परिषद के एसपी सैनी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।