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एसडीएम के लिए चयनित हुए शुभम, अनुराग और मयंक

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शुभम यादव । - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। शहर के आवास विकास कॉलोनी निवासी शुभम यादव ने पीसीएस परीक्षा-2018 में 13 वीं रैंक हासिल की। उनका चयन एसडीएम (उपजिलाधिकारी) पद पर हुआ है। इनके अलावा तहसील सदर में नायब तहसीलदार अनुराग सिंह का भी चयन इसी पद पर हुआ। उनके बड़े भाई अभिषेक डिप्टी एसपी बने हैं। वहीं एसडीओ पद पर तैनात मयंक गोस्वामी भी एसडीएम पर चयनित हुए।
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शुभम यादव सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर रनवीर सिंह यादव और राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य कुसुम लता यादव के पुत्र हैं। शुभम ने 10वीं और 12वीं की शिक्षा सेंट पॉल्स इंटर कॉलेज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने जीएलए इंस्टीट्यूट मथुरा से आईटी में बीटेक किया। वर्तमान में वह गुजरात में पीडब्ल्यूडी में डिवीजनल एकाउंटेंट के पद कार्यरत हैं। वह बताते हैं कि तीन साल पहले इनकम टैक्स इंस्पेक्टर की नौकरी वह छोड़ चुके हैं।
दो महीने पहले तहसील सदर में नायब तहसीलदार के रूप में नियुक्त अनुराग सिंह ने पीसीएस परीक्षा में 109वीं रैंक और उनके बड़े अभिषेक सिंह ने 83 रैंक हासिल कर कामयाबी का परचम लहराया है। अभिषेक बताते हैं कि दोनों भाइयों ने दिल्ली में रहकर ही बिना किसी कोचिंग के तैयारी की थी। वर्ष 2017 की पीसीएस परीक्षा में उनका छोटा भाई अनुराग नायब तहसीलदार बन गया और वह अभी आईएएस की तैयारी कर रहे थे। अभिषेक ने बताया कि 83 रैंक पर उन्हें एसडीएम का पद भी मिल सकता था। लेकिन उन्होंने पहला विकल्प डिप्टी एसपी के लिए भरा था। मूलरूप से हरदोई के रहने वाले अभिषेक और अनुराग के पिता श्रीकृष्ण हरदोई के जिला अस्पताल में डॉक्टर और मां मंजुला किरन नवाबगंज बरेली में बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर हैं।
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मां का सपना पूरा किया, लेकिन वह देख न पाईं...
एसडीएम बने शुभम बताते हैं कि उनकी मां का ही सपना था कि वह प्रशासनिक सेवा में आएं। लेकिन जब रिजल्ट आया तो मां का साथ ही नहीं है। इसलिए अब उतनी खुशी भी नहीं हो रही है। यहां बता दें कि शुभम की मां का दो दिन पहले ही बरेली में कोरोना से निधन हो गया था। पूरा परिवार दुख में डूबा हुआ था कि शुक्रवार को पीसीएस परीक्षा परीक्षा परिणाम ने घर में छाए दुख के गहरे अंधकार में एक रोशनी की किरण बिखेर दी है। शुभम घर के इकलौते बेटे हैं, जबकि उनकी चार बहनें भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उनकी एक बहन अंकिता सिंधौली में सरकारी डॉक्टर है। इनके अलावा एक बहन ऋचा दूर संचार विभाग में और बड़ी बहन श्वेता तथा नम्रता शिक्षक हैं। उनकी कामयाबी में दूसरे नंबर की बड़ी बहन नम्रता यादव और बड़े बहनोई एसके सिंह का बहुत हाथ है। जिनके मार्गदर्शन में वह यहां तक पहुंच सके हैं। शुभम की उपलब्धि पर उनके चाचा पूर्व विधायक दलसिंह यादव, सोमेश यादव, रामनरेश यादव आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।
पहले प्रयास में सफल हुए मयंक
कानपुर हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) से 2012 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग से बीटेक करने वाले अलीगढ़ निवासी मयंक गोस्वामी ने यूपीपीएससी की परीक्षा में पहले प्रयास में ही सफलता पाई है। दर्शनशास्त्र विषय और अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देने वाले मयंक डिप्टी कलेक्टर केपद पर चयनित हुए हैं। बताया कि 2014 से सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड की परीक्षा की तैयारी की और 2015 में सफलता पाई। वर्तमान में शाहजहांपुर में एसडीओ पद पर तैनात हैं।
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