डेंगू और बुखार के सीजन के बीच मंगलवार को स्वास्थ्य कर्मियाें की हड़ताल मरीजों को और बेहाल करेगी। पोस्टमार्टम और इमरजेंसी पर भी हड़ताल की मार पड़ेगी। डॉक्टर और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को छोड़कर पूरा स्टॉफ हड़ताल पर होगा। वहीं जिला अस्पताल में किसी प्रकार का कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया है।
वेतन विसंगति समेत तमाम मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन, डेंटल हाइजीनिस्ट और ऑप्ट्रोमिस्ट्रिस्ट पिछले चार दिनाें से दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे थे। 20 सितंबर से उन्हाेंने पूरी तरह से कार्य बंद करने की चेतावनी दी थी, इसके बाद भी शासन स्तर पर कोई बात नहीं बनी। मंगलवार को पूरा स्टॉफ अपना काम ठप करेगा। इस दौरान न तो दवा बंटेगी और न ही नर्सें देखभाल को आएंगी। आंखाें और दांताें के सहायक भी ओपीडी में नहीं बैठेंगे। लैब तकनीशियन भी खून व अन्य जांचें नहीं करेंगे। इससे दिक्कत बढ़ सकती है। फार्मासिस्ट अध्यक्ष बीसी यादव, एलटी प्रयोगशाला अध्यक्ष रामनरेश पटेल, नर्सेज संघ की महामंत्री सोनिया मसीह ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी पर तैनात कर्मी भी हड़ताल पर रहेंगे।
- इतने हैं कर्मी
नर्स- 70
फार्मासिस्ट- 89
एलटी- 18
- इनसे चलाना पड़ेगा काम
जिला अस्पताल में एजेंसी से हायर संविदा नर्सें करीब 40 हैं। ये महिला अस्पताल में 10 हैं। इसके अतिरिक्त नर्सेज इंस्टीट्यूट की छात्राएं भी दो बजे जिला अस्पताल से चली जाती हैं। फार्मा के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
- संविदा कर्मी पहले से हड़ताल पर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा कर्मी पहले से ही हड़ताल पर चल रहे हैं। मंगलवार को भी इनकी हड़ताल रहेगी। एनएचएम संविदा कर्मियों में डॉक्टर भी शामिल हैं। ऐसे में करीब 2000 से अधिक लोग इसके भी हड़ताल पर रहेंगे।