बरेली। दिनभर धूप, रात में उमस और अव्यवस्था की तपिश से बेहाल मरीजों का पारा चढ़ गया। वार्ड में एसी-कूलर नहीं चलाए जाने पर रविवार रात गर्मी से बेहाल मरीजों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। सोमवार को डिस्चार्ज करने की मांग उठाई।
जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड फुल होने पर मरीज हीट स्ट्रोक वार्ड में शिफ्ट किए जा रहे हैं। इस वार्ड में गर्मी से राहत के लिए एसी, कूलर, पंखे लगे हैं, लेकिन मरीज भर्ती होने पर सिर्फ पंखे ही चलाए जा रहे हैं। रविवार को दिनभर भीषण गर्मी सहने के बाद जब रात में सुकून की नींद मयस्सर नहीं हुई तो मरीजों ने स्वाथ्यकर्मियों से एसी-कूलर चलाने का अनुरोध किया।
गर्मी की वजह से कुछ मरीजों की हालत बिगड़ी तो तीमारदार और स्वास्थ्यर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई। एसी चलाने की अनुमति नहीं मिलने पर मरीजों-तीमारदारों ने वीडियो बनाकर व्यवस्था पर सवाल उठाए। इसमें कुछ मरीज रात में ही खुद को डिस्चार्ज किए जाने की मांग करते दिखे। कुछ चले भी गए।
पांच हजार रुपये जुर्माना लगाने की दी चेतावनी
वायरल वीडियो में एक महिला स्टाफ नर्स से एसी चलाने की गुहार लगा रही है। इस पर स्टाफ नर्स ने कहा कि जो भी एसी चलाएगा, उससे पांच हजार रुपये जुर्माना देना होगा। महिला ने कहा कि गर्मी में रहना मुश्किल है, इसलिए उसे डिस्चार्ज कर दिया जाए। मना करने पर उसने अनुमति के बिना ही घर जाने की बात कही। हालांकि, इन आरोपों को स्टाफ नर्स ने निराधार बताया है। ब्यूरो
बेतहाशा गर्मी में तबीयत बिगड़ने की आशंका
जिला अस्पताल में बेटी को भर्ती कराया है, पर बेतहाशा गर्मी में तबीयत और बिगड़ने की आशंका है। स्टाफ न एसी चला रहा है न कूलर। जुर्माना लगाने की चेतावनी दे रहे हैं। - मोहम्मद विकारूद्दीन, पुराना शहर
पत्नी को अस्पताल लेकर पहुंचे तो बेड खाली न होने पर हीट स्ट्रोक वार्ड में भर्ती किया गया। यहां एसी, कूलर, पंखे लगे हैं, पर सिर्फ पंखा ही चल रहा है। ऊपर का कमरा होने से गर्मी से सब बेहाल हैं। - खेमकरन, आंवला
एसी, पंखे, कूलर मरीजों के लिए लगे हैं। उनके संचालन की अनुमति भी दी गई है। क्यों बंद रखा गया, यह पता करेंगे। स्टाफ को मरीजों से बेहतर व्यवहार के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. अलका शर्मा, एडी एसआईसी