तत्कालीन एसएसआई और सिपाही को तीन साल तक नहीं मिलेगी पदोन्नति
बरेली। बारादरी पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर भाजपा नेता पप्पू गिरधारी के जिस भतीजे सौरभ राठौर पर प्रशासन ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई की, पुलिस सत्यापन में उसी शातिर को पाक-साफ बताकर क्लीनचिट दे दी गई। एसएसपी की सख्ती के बाद गलत तरीके से बना पासपोर्ट रद्द किया गया। तत्कालीन एसएसआई रोहित शर्मा व कांस्टेबल दीपक तोमर अब विभागीय कार्रवाई के जाल में फंस गए हैं।
जोगी नवादा निवासी गैंगस्टर सौरभ राठौर चर्चित अपराधी है। अधिवक्ता रीना सिंह के पति पर फायरिंग कर वह दहशत फैला चुका है। सौरभ के खिलाफ बारादरी थाने में आठ संगीन मामले दर्ज हैं। इसके बाद भी वर्ष 2024 के अंत में बारादरी थाने में तैनात रहे एसएसआई रोहित शर्मा और सिपाही दीपक तोमर ने सौरभ के गंभीर धारा के मुकदमों का जिक्र छिपाकर पासपोर्ट सत्यापन की रिपोर्ट भेज दी। जिन मामलों में सौरभ को क्लीनचिट मिल गई है, उनका ही उल्लेख पुलिस ने किया। इस तरह उसका पासपोर्ट बन गया। जब मामले की शिकायत हुई तो एसएसपी अनुराग आर्य ने एसपी यातायात अकमल खान को जांच सौंप दी। जांच के बाद एसएसपी को रिपोर्ट भेज दी गई।
जांच में पाया गया कि गंभीर मुकदमों के विवरण को छिपाकर सत्यापन रिपोर्ट लगा दी, जिससे सौरभ का पासपोर्ट जारी कर दिया गया। उस समय पासपोर्ट में रिपोर्ट लगाने का कार्य एसएसआई रोहित शर्मा और सिपाही दीपक के पास था, इसलिए वह दोषी माने गए। एसएसपी ने दोनों पर सात दिन के वेतन के बराबर जुर्माना लगाया। विभागीय नियमानुसार दोनों का एक साल तक वेतन नहीं बढ़ेगा और तीन साल तक पदोन्नति भी नहीं होगी। खास बात यह है कि जिस सौरभ को पुलिस ने क्लीन चिट देकर पासपोर्ट जारी कराने में मदद की, उसी थाने की रिपोर्ट के आधार पर सौरभ के खिलाफ गुंडा एक्ट व गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। फिलहाल सौरभ को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि पासपोर्ट को निरस्त कर दिया गया है। ब्यूरो