बरेली। सेटेलाइट बस अड्डे पर सरेआम लगेज ठेकेदार और उसके भाई को कुली ने गोली मारी थी। उसमें ठेकेदार के भाई की मौत हो गई थी। ठेकेदार अतुल का लखनऊ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनकी मौत के 13 दिन बाद मंगलवार को बस अड्डे में पार्सल कार्यालय खुला। पहले दिन पार्सल और लगेज की बुकिंग नहीं की गई।
रोडवेज बसों में पार्सल और लगेज बुकिंग का ठेका निजी फर्म को दे दिया गया है। लॉजिस्टिक नाम की फर्म सेटेलाइट और पुराना रोडवेज बस अड्डे पर यह काम संभालती है। सेटेलाइट बस अड्डे पर कुली का काम करने वाला नौबत यादव काम में दखल देता था। वह अपने गुर्गों के साथ बिना बुकिंग के ही बसों में पार्सल और लगेज भेजने का दबाव बनाता था। इसी को लेकर हुए विवाद के बाद 11 फरवरी को कुली नौबत यादव ने लगेज ठेकेदार अतुल पांडेय और उनके भाई अनुज पांडेय को गोली मार दी थी। इसमें अनुज की मौत हो गई थी। मामले में नौबत यादव उसके साले दिनेश यादव, राजन, कामदेव, नन्हे, इसरार और सुनील को नामजद कराया गया था। पुलिस नौबत को जेल भेज चुकी है। उसे तमंचा मुहैया कराने वाले संतोष मौर्य को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। मंगलवार को सेटेलाइट बस अड्डे पर पार्सल घर खुलने के बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की सक्रियता तेज हो गई हैं। संवाद